अमेरिकी टैरिफ डील पर विपक्ष फिर मोदी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पीएम मोदी पर समझौता करने का आरोप लगाया। कहा कि उनका विश्वासघात अब उजागर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पीएम इस व्यापार समझौते में फिर से आत्मसमर्पण कर देंगे।
उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना मोदी सरकार ने इतनी जल्दबाजी में एक ट्रैप डील में शामिल क्यों हुए, जिसने भारत से भारी रियायतें छीन लीं।
बता दें अमेरिका ने 2 फरवरी को भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% किया था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20 फरवरी को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है।
20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया। उन्होंने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे लागू किया। यह टैरिफ 24 फरवरी को आधी रात से लागू होगा।
इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है।
ट्रम्प ने इसकी आलोचना करते हुए कहा- यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं।
हालांकि, BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय यूनियन समेत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यानी कि भारत पर अब टैरिफ 18% की जगह घटकर 10% रह जाएगा।


