ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री BJD चीफ नवीन पटनायक के करीबी और BJD नेता वीके पांडियन ने एक्टिव पॉलिटिक्स से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए संन्यास का ऐलान किया।
वीडियो में उन्होंने कहा,”… मैंने खुद को सक्रिय राजनीति से अलग करने का फैसला किया है। अगर मैंने इस यात्रा में किसी को ठेस पहुंचाई है तो मुझे खेद है। यदि मेरे खिलाफ चले अभियान के कारण BJD की हार हुई है तो मुझे खेद है।”
ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 78 सीटें जीतकर पांच बार के सीएम पटनायक को सत्ता से बाहर किया है। बीजेडी को केवल 51 सीटें मिली हैं।
पार्टी की हार की वजह पांडियन को बताया जा रहा था। पार्टी में उनके दबदबे की चलते स्थानीय नेता नाराज चल रहे थे। सीनियर लीडर्स भी पांडियन को लेकर खुश नहीं थे। वहीं, पांडियन को पटनायक का उत्तराधिकारी भी कहा जा रहा था।
तमिलनाडु में जन्मे वीके पांडियन को भाजपा ओडिशा की राजनीति में ‘बाहरी’ कहती रही है। पांडियन ने दिल्ली में अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने पंजाब कैडर के IAS अधिकारी के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। बाद में उड़िया महिला से शादी करने के बाद ओडिशा कैडर में ट्रांसफर ले लिया था।
वीके पांडियन ने ओडिशा सरकार के बड़े प्रोजेक्ट संभाले
पूर्व CM पटनायक के निजी सचिव रहे IAS वी के पांडियन को रिटायरमेंट के 24 घंटे के अंदर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था। VRS (वॉलेंट्री रिटायरमेंट) लिया था। कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ 5टी इनिशेटिव का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
ओडिशा में 5T इनिशेटिव शुरु करने का आइडिया पांडियन का ही था। इसके तहत राज्य में सभी सरकारी विभागों में एडमिनिस्ट्रेशन को दुरुस्त रखना था। 5T इनिशेटिव में पहले T का मतलब ट्रांसपैरेंसी, दूसरा- टीमवर्क, तीसरा- टेक्नोलॉजी, चौथा- टाइम और पांचवां- ट्रांसफॉर्मेशन है।
राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम और परियोजनाएं 5टी के अंतर्गत आती हैं, जिसका ओडिशा सरकार के लगभग हर विभाग में प्रभाव है। पांडियन ने श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर, श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना जैसे ओडिशा सरकार के मेगा प्रोजेक्ट्स में भी बड़ी भूमिका निभाई, जिसका इसी साल उद्घाटन हुआ था।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 17 जनवरी को जगन्नाथ मंदिर के गजपति दिव्यसिंह देव के साथ इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत जगन्नाथ मंदिर की बाहरी दीवार के चारों ओर 75 मीटर का एक गलियारा बनाया गया है।
श्रीमंदिर के साथ-साथ पांडियन ने राज्य में प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों के रेनोवेशन एंड रेस्टोरेशन की ओडिशा सरकार की पहल की भी निगरानी की थी।
वीके पांडियन को ओडिशा में ‘मो सरकार’ को लॉन्च करने के लिए भी जाना जाता है। इस पहल को राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों के साथ-साथ 21 जिला मुख्यालय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में 2 अक्टूबर 2019 को लॉन्च किया गया था। इसका मकसद सरकारी ऑफिसों में आने वाले लोगों की सम्मान के साथ मदद करना है।


