महाराष्ट्र सरकार ने फैसला लिया था कि कक्षा 1 से 5 तक हिंदी तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जाएगी, लेकिन विरोध के बाद सरकार ने यह फैसला वापस ले लिया। इस जीत का जश्न मनाने के लिए शनिवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे सालों बाद एक मंच पर आए।
हालांकि, अगले ही दिन रविवार को उद्धव की शिवसेना ने साफ किया कि उनकी पार्टी हिंदी भाषा के खिलाफ नहीं है। पार्टी के नेता संजय राउत ने कहाराउत ने कहा कि DMK नेता एम.के. स्टालिन को उनके संघर्ष के लिए शुभकामनाएं, लेकिन हमारी सीमाएं स्पष्ट हैं।
उद्धव-राज ठाकरे बोले- मराठी के लिए लड़ना गुंडागर्दी, तो हम गुंडे
महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर जारी विवाद के बीच उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ‘मराठी एकता’ पर शनिवार को मुंबई के वर्ली सभागार में ‘मराठी विजय रैली’ की। दोनों ने 48 मिनट तक हिंदी-मराठी भाषा विवाद, मुंबई-महाराष्ट्र, भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
दोनों नेताओं ने कहा- तीन भाषा का फॉर्मूला केंद्र से आया। हिंदी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसे थोपा नहीं जाना चाहिए। अगर मराठी के लिए लड़ना गुंडागर्दी है तो हम गुंडे हैं।
उद्धव और राज 20 साल बाद एक मंच पर साथ नजर आए। आखिरी बार 2006 में बाला साहेब ठाकरे की रैली में साथ दिखे थे। उद्धव को शिवसेना का मुखिया बनाने के बाद राज ने अलग पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) बनाई थी। तब दोनों के रिश्ते अच्छे नहीं थे।
20 साल बाद एक मंच पर साथ नजर आए उद्धव-राज
उद्धव और राज 20 साल बाद एक मंच पर साथ नजर आए। आखिरी बार 2006 में बाला साहेब ठाकरे की रैली में साथ दिखे थे। उद्धव को शिवसेना का मुखिया बनाने के बाद राज ने अलग पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) बनाई थी। तब दोनों के रिश्ते अच्छे नहीं थे।


