फरीदाबाद। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेक्टर-45 स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर (यूएचसी), मेवला महाराजपुर में अब सीज़ेरियन डिलीवरी (सी-सेक्शन) की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस सुविधा के तहत यूएचसी केंद्र में पहला सीज़ेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
इस संबंध में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. मीनाक्षी तंवर ने बताया कि यूएचसी सेक्टर-45 में पहली बार सफल सीज़ेरियन सेक्शन किया गया, जिसे अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना के नेतृत्व में संपन्न किया गया। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया संबंधी महत्वपूर्ण सहयोग डॉ. चंद्र शेखर दहिया द्वारा प्रदान किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित एवं सुचारु रूप से पूरी हुई।
सर्जिकल टीम में नर्सिंग ऑफिसर प्रीति त्यागी तथा ओटी टेक्नीशियन सुरेश ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और टीमवर्क के माध्यम से उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित कीं। नवजात शिशु की देखभाल के लिए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शेली मावी भी मौके पर उपस्थित रहीं, जिन्होंने जन्म के तुरंत बाद शिशु के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एसएमओ डॉ. मीनाक्षी तंवर ने बताया कि मां और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह स्थिर एवं संतोषजनक है तथा चिकित्सा टीम द्वारा उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि यूएचसी मेवला महाराजपुर में जल्द ही जी-स्मार्ट लैब और एक्स-रे मशीन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जयंत आहूजा ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सीज़ेरियन डिलीवरी सुविधा शुरू होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे गर्भवती महिलाओं को समय पर सुरक्षित प्रसव सुविधा नजदीक ही उपलब्ध होगी और उन्हें बड़े अस्पतालों की ओर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि आमजन को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और यूएचसी सेक्टर-45 में यह सुविधा शुरू होना उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीएमओ ने संबंधित चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग भविष्य में भी इसी प्रकार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करता रहेगा, ताकि नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


