फरीदाबाद । आगामी जनगणना की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए जिला फरीदाबाद के विभिन्न स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षण फीडल ट्रेनर द्वारा दिया जा रहा है, जिसमें जनगणना से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधन संबंधी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है।
जिला फरीदाबाद में लगभग 5500 गणनाकर्ताओं (एन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) को 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक विभिन्न स्कूलों में स्थापित 31 प्रशिक्षण केंद्रों (वेन्यू) पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें जनगणना से जुड़े विभिन्न कॉन्सेप्ट, हाउस लिस्टिंग एप्लीकेशन, सेल्फ एन्यूमरेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय हरियाणा, चंडीगढ़ की ओर से जिला जनगणना समन्वयक श्री प्रशांत शर्मा द्वारा भी प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
चार्ज अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी प्रक्रिया, नियमों और डिजिटल माध्यम से होने वाले कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी देना है, ताकि आगामी जनगणना को जिले में सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की मूलभूत जानकारी भी दी जा रही है, जिसमें इसकी परिभाषा, उद्देश्य तथा पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक, आर्थिक और आवासीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं।
इसके साथ ही प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जा रही है। बताया गया कि यह कार्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और कानूनों के तहत किया जाता है, जिनका पालन करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि शिक्षकों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी जनगणना कार्य में नियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी इस कार्य में शामिल किया जाएगा, ताकि जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।


