फरीदाबाद। जिला फरीदाबाद में दीपावली पर्व के अवसर पर वर्ष 2025-26 के लिए सूरजकुंड में भव्य दीवाली मेला ‘हम परिवारों को जोड़ते है’ थीम पर आयोजित किया जाएगा। यह मेला न केवल लोगों के लिए उत्सव और मनोरंजन का अवसर बनेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, संस्कृति और कला को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच भी साबित होगा। इस बारे में जानकारी देते हुए पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. शालिन ने बताया कि दिवाली मेला दो से सात अक्टूबर 2025 तक छह दिन चलेगा। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. शालिन ने बताया कि सूरजकुंड में आयोजित होने वाले दिवाली मेले में लगभग 500 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे। इन स्टॉलों पर आभूषण, परिधान, फैशन एक्सेसरीज़, बुक्स, स्टेशनरी, बीमा सेवाएँ, प्राकृतिक पौधे, गिफ्ट आइटम्स, घरेलू सजावटी सामग्री, खिलौने, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और आर्ट एंड कल्चर से जुड़ी वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद भी आगंतुकों को आकर्षित करेंगे।
डॉ. शालिन ने बताया कि प्रत्येक ज़ोन को अलग-अलग रंगों के आधार पर कलर कोड किया जाएगा, जिससे आगंतुकों को अपनी पसंद के स्टॉल तक पहुँचने में आसानी होगी। उदाहरण स्वरूप, पीले रंग का ज़ोन खाद्य वस्तुओं के लिए, बैंगनी रंग का ज़ोन परिधानों के लिए और अन्य रंग विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। डॉ. शालिन ने बताया कि सूरजकुंड में आयोजित होने वाले भव्य दिवाली मेले में आगंतुकों के मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेले में प्रतिदिन शाम 6 बजे से आकर्षक म्यूजिकल शो, नृत्य प्रस्तुतियाँ, गायन और फैशन शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित कर सकें। साथ ही, दर्शकों को विविधता से भरपूर सांस्कृतिक अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा। डॉ. शालिन ने बताया कि टिकटिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक टिकट पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग प्रणाली लागू होगी। इससे न केवल पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आगंतुकों को भी प्रवेश में आसानी होगी। मेले में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष रियायत योजना रखी गई है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। डॉ. शालिन ने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि मेले में आने वाले आगंतुकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए पूरे मेले क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डिस्पेंसरी और एम्बुलेंस सेवाएँ भी उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही सुरक्षा और सेफ्टी के साथ-साथ स्वच्छता और सैनिटेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मेले क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे ताकि आगंतुकों को सुविधा हो और यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए। बैठक में एडीसी सतबीर मान, एसडीएम बडख़ल त्रिलोक चंद सहित अन्य सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।


