फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा ने आज के. एल. मेहता महिला कॉलेज में निजी स्कूलों के प्रिंसिपल तथा विभिन्न सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ जनगणना कार्य को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोजित एक विशेष बैठक को संबोधित किया।
बैठक को संबोधित करते हुए निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि जनगणना देश का एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय पर्व है, जिसमें सभी नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारी जनगणना हमारा विकास है ,जनगणना के दौरान जिले के नागरिकों से अपेक्षा है कि वे अपने घर पहुंचने वाले गणनाकर्ताओं (एन्यूमरेटर) को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करें।
उन्होंने बैठक में स्पष्ट किया कि जनगणना ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी प्रशिक्षण सत्र में शामिल नहीं होता है या ड्यूटी में कोताही बरतता है तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में सरकारी और निजी स्कूलों से ड्यूटी पर लगाए गए कुछ कर्मचारी उपस्थित नहीं हुए हैं, जो गंभीर विषय है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि यह जनगणना देश का पर्व है और इसमें सभी की सहभागिता बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई के लिए जनगणना विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा, ताकि सरकार के आदेशों और जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में जिला जनगणना समन्वय अधिकारी प्रशांत शर्मा ने उपस्थित प्रिंसिपल्स व विभागाध्यक्षों को जनगणना से जुड़े कार्यों को सरल और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया तथा आवश्यक सुझाव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के समन्वय से यह कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सकता है।
बैठक में निजी स्कूलों और कॉलेजों की ओर से दिए गए सुझावों पर भी विचार करने की बात कही गई, ताकि जनगणना कार्य को और अधिक सरल तथा प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक डॉक्टर ललित जैन के मार्गदर्शन के अंतर्गत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना के कार्य में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जा रही है। बताया गया कि यह कार्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और कानूनों के तहत किया जाता है, जिनका पालन करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।
जिला फरीदाबाद में लगभग 5500 गणनाकर्ताओं (एन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) को 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक विभिन्न स्कूलों में स्थापित 31 प्रशिक्षण केंद्रों (वेन्यू) पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जबकि 62 ट्रेनर इस प्रशिक्षण को देने के लिए नियुक्त किए गए हैं।
इस दौरान उन्हें जनगणना से जुड़े विभिन्न कॉन्सेप्ट, हाउस लिस्टिंग एप्लीकेशन, सेल्फ एन्यूमरेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 1 में से 30 में तक मकान का सूचीकरण अथवा मकान की जनगणना प्रारंभ की जा रही है। इसके अलावा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सुबह स्वयं गणना का भी ऑप्शन दिया जा रहा है। यह सारा कार्य डिजिटल किया जाएगा।
इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, जॉइंट कमिश्नर राजेश कुमार, जॉइंट कमिश्नर करण सिंह भदौरिया, जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र ढुल सहित अन्य अधिकारी, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ विकास कन्हैया, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ अशोक ठाकुर, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ दीपा, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ सुमन रतरा, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ संजय चपराना, चार्ज आफिसर कम जेडटीओ श्रृष्टि बब्बर के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


