फरीदाबाद। केंद्रीय विद्यालय संगठन नं-3 फरीदाबाद में जनरेटर चालू होने से बच्चों और अभिभावकों में काफी खुशी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन नं0- 3 की नई बिल्डिंग को बने 7 वर्ष हो गए हैं। बाहर से विद्यालय की बिल्डिंग देखने में बहुत सुंदर लगती है। विद्यालय की बिल्डिंग को देखकर ऐसा लगता है जैसे यहाँ पर बच्चों के लिये सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी लेकिन खुलासा हुआ कि विद्यालय में बिजली व पानी की समस्या कई वर्षों से बनी हुई थी।
फरीदाबाद से जागरूक अभिभावक दीपक त्रिपाठी ने विद्यालय की प्रिंसिपल भारती कुक्कल को वर्ष 2023 में ईमेल व व्यक्तिगत तौर पर मिलकर शिकायत की थी। दीपक त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय में बिजली व पानी की समस्या के बारे में उन्हें उनके बच्चों से पता चला था। एक दिन बच्चों ने बताया कि बिजली गुल हो जाने पर उन्हें घण्टो तक गर्मी में रहना पड़ता है। गर्मी के कारण बच्चों को उमस व बेचैनी महसूस होती है। बच्चों ने यह भी बताया कि विद्यालय में पीने का पानी भी खत्म हो जाता है और कई बार गंदा व मिट्टी मिला पानी भी सप्लाई में आ जाता है।
दीपक त्रिपाठी ने पेरेंट्स मीटिंग में जब स्कूल में सुविधाओं को लेकर निरीक्षण किया तो उन्होंने पाया कि स्कूल में जनरेटर नहीं है औऱ वाटर कूलर के पास गंदगी बनी हुई है, मच्छर पनप रहे हैं। शौचालय भी गंदा था और इस बारे में उन्होंने प्रिंसिपल को भी अवगत कराया। दीपक त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय में जनरेटर, पानी व अन्य समस्याओं को लेकर वह विद्यालय की प्रिंसिपल से मिलते रहते हैं और शिकायत भी करते रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईमेल से शिकायत करने पर उन्हें कोई लिखित जवाब नहीं मिला इसीलिए वह प्रिंसीपल से वर्ष 2025 में फिर मिले।
प्रिंसीपल भारती ने बताया कि वह अपने स्तर पर विद्यार्थियों व संगठन के हित मे आवश्यक संसाधनों व स्टाफ की उपलब्धता को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्राचार करती रहती हैं हालांकि उनका उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कहना यह कितना सच है इस बारे में पता नहीं। प्रिंसिपल ने बताया कि उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर विद्यालय में 30 केवी का किराए पर जनरेटर लगवा दिया है । उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से कहा था कि विद्यालय के लिये 60 केवी के जनरेटर की जरुरत है लेकिन उच्च अधिकारियों ने बजट न होने का हवाला दिया और उन्हें 60 केवी जेनरेटर लगाने की अनुमति नहीं मिली।
संवाददाता को ऐसी ही एक शिकायत के बारे में एनआईटी 3 में रहने वाले अभिभावक विजय धीमान ने बताया कि उनके बच्चे केंद्रीय विद्यालय नं0 1 में पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जनरेटर तो रखा हुआ लेकिन उसे चलाया नहीं जाता है। धीमान ने यह भी बताया कि विद्यालय में पीने के पानी की भी भारी समस्या बनी है, उनके बच्चों ने उन्हें विद्यालय में जेनरेटर न चलने व गंदे पानी की समस्या बारे में बताया। बच्चों ने बताया कि वाटर कूलर का पानी गंदा रहता है और पानी खत्म रहता है। आगे दीपक त्रिपाठी ने बताया कि अगर किराए पर ही जनरेटर लगना था तो यह कार्य प्रिंसिपल 7 वर्ष पहले भी कर सकती थीं आखिर इतने वर्षों तक विद्यार्थियों को बिना बिजली के परेशान किया गया।
दीपक त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें यह अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि पी0 एम0 श्री केंद्रीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिये संसाधनों का इतना अभाव होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय का नाम बदलकर पी0 एम0 श्री केंद्रीय विद्यालय तो रख दिया गया लेकिन लंबा समय बीत जाने बाद भी संगठन में बुनियादी व आवश्यक चीज़ें नहीं हैं और संसाधनों का अभाव है जबकि केंद्रीय विद्यालय सुविधाओं के मामले में देश भर में नं0- 1 विद्यालय कहे जाते हैं।


