राजा नाहर सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करवाने तथा उनका म्यूजिम बनवाने की रखी मांग
फरीदाबाद। शहीद राजा नाहर सिंह का 201वां जन्म दिवस आज पूरे इलाके में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर राजा नाहर सिंह के वंशज राजा राजकुमार तेवतिया सुनील तेवतिया और अनिल तेवतिया ने अपने सेक्टर तीन स्थित राजा नाहर सिंह पैलेस में एक सभा कर उनको श्रद्धांजलि दी। इस दौरान हवन यज्ञ का भी आयोजन किया गया, जिसमें आज इलाके के मौजूद लोगों ने अपनी आहुति डाली और अपने राजा को याद किया। इस अवसर पर राजा राजकुमार तेवतिया, सुनील तेवतिया, अनिल तेवतिया ने अपने संबोधन में कहा कि राजा नाहर सिंह ने कभी अपने प्राणों की परवाह नहीं की। उन्होंने हमेशा ही अंग्रेजों से लोहा लिया और अंग्रेजों को कभी दिल्ली की और कुछ नहीं करने दिया, उन्होंने कहा कि राजा नाहर सिंह को संधि के मार्फत गलती से 9 जनवरी 1857 को दिल्ली के चांदनी चौक लाल किला पर बुलाकर धोखे से उनको फांसी दे दी। राजा नाहर सिंह ने हंसते हंसते मौत को गले लगाया और कहा कि आज एक राजा नाहर सिंह को आप फांसी दे रहे हो आगे और हजारों राजा नाहर सिंह पैदा होंगे, आखिरकार अंग्रेजों को देश छोडक़र जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि राजा नाहर सिंह के बताए हुए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है इसलिए हमें आज अपने युवा पीढ़ी को उनके इतिहास के बारे में बताना चाहिए कि राजा नाहर सिंह ने रियासत के लिए क्या किया। इस अवसर पर सभी ने एक सुर में राजा नाहर सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से की और बल्लभगढ़ में बने राजा नाहर सिंह महल में म्यूजियम बनाने की भी मांग की जिससे कि आने वाले लोगों को पता लगे कि राजा नाहर सिंह ने देश के लिए क्या किया इस अवसर पर सूबेदार पतराम, प्रवीण तेवतिया, कुलदीप हुड्डा, जीत सिंह गिल, रणवीर चौधरी, गौतम तेवतिया, महेंद्र सांगवान, जितेंद्र कुमार झा, गदपुरी गुरुकुल के आचार्य आनंद मित्र, अमर सिंह, रघुवीर तेवतिया व जयसिंह शेखावत ने भी राजा को श्रद्धांजलि दी।
शहीद राजा नाहर सिंह के 201वें जन्मदिन पर हुआ हवन यज्ञ का आयोजन
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