प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है।
एक दिन पहले पीएम ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।
राज्य सरकारों से अपील: ऐसे संकट के समय में गरीबों पर, श्रमिकों पर बुरा असर पड़ता है। उन्हें PM गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ मिलता रहे। राज्य सरकार इसके लिए विशेष वय्वस्था करे। ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले एक्टिव होते हैं। जहां से शिकायतें आती हैं, वहां कार्रवाई कीजिए। संकट कितना भी बड़ा है, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। हमें हर जरूरी कदम, हर जरूरी रिफॉर्म तेजी से करते रहने होंगे।
किसानों को मैसेज: सरकार कोशिश कर रही है कि आने वाले बुआई के सीजन में किसानों को खाद मिलती रहे। सरकार ने खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए जरूरी तैयारियां की है। किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है। ये राज्यों का सदन है। आने वाले समय में संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें सफलता के लिए राज्यों का सहयोग जरूरी है। राज्यों की सरकार से आग्रह करना चाहता हूं।
तेल, गैस और मंहगाई पर : कोरोना के समय में जैसे अलग-अलग सेक्टर से निपटने के लिए अफसरों के एम्पॉवर्ड ग्रुप बने थे, वैसे ही कल 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस, महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी।
होर्मुज स्ट्रेट संकट पर: हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामान की रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू फंसे हैं। कर्मशियल जहाजों पर हमला और होर्मुज जैसे जल मार्ग में रूकावट अस्वीकर है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सतत् आवागमन के लिए प्रयास कर रहा है।
गल्फ देशों में फंसे भारतीयों को संदेश: देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जंग शुरू होने से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय देश लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार से ज्यादा भारतीय लौटे हैं। इनमें 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले हैं। सभी देशों ने वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मौत हुई है। यह दुखद है। उनके परिवार को मदद दी जा रही है। जो घायल हैं उन्हें इलाज दिया जा रहा है।


