फरीदाबाद, 21 दिसम्बर। डी.ए.वी शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद की महिला सेल द्वारा समाज और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कृत्यों के निषेध और उन पर रोकथाम लगाने के लिए यौन उत्पीड़न पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की कन्वीनर डॉ. अर्चना भाटिया ने अपने स्वागत संबोधन में छात्रों को दक्षिण एशियाई देशों में महिला उत्पीड़न परिदृश्य से परिचित कराते हुए कार्यक्रम का उद्देश्य समझाया तथा उन्होंने लैंगिक अंतर को कम करने की चिंताजनक आवश्यकताओं की ओर भी इशारा किया ।
मुख्य वक्ता के रूप में सुश्री चैताली वाधवा, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ लॉ, मानव रचना विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने यौन उत्पीड़न के रोकथाम तथा (पी.ओ.एस.एच.) अधिनियम पर सूक्ष्म व्याख्यान दिया ।
उन्होंने, कार्य -स्थल पर यौन उत्पीड़न के सभी आयामों और इन उत्पीड़नों के खिलाफ कानूनी सुरक्षात्मक आयामों पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय की कार्यकारी प्रचार्या डॉ.विजयवंती ने अपने संबोधन में मर्यादा शब्द को इंगित करते हुए कहा कि जब हम अपनी मर्यादा को भूल जाते हैं तब इंसान अपने कर्तव्यों को भूल कर कुमार्ग पर अग्रसर होता है l


