फरीदाबाद । जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के अधिकतम प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी आयुष सिन्हा ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और नागरिकों को स्वयं अपनी गणना करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से स्व-गणना के लिए ऑनलाइन पोर्टल (https://se.census.gov.in/) खोला जाएगा, जिस पर नागरिक पंजीकरण कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
डीसी ने कहा कि जनगणना से जनकल्याण की थीम के तहत इस बार जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से आयोजित की जाएगी, इसलिए स्व-गणना के विकल्प को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रचार-प्रसार बेहद आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव, वार्ड स्तर और विभागीय माध्यमों से इस सुविधा का अधिकतम प्रचार करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक (डीसीओ) एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक (डीसीआर) ललित जैन ने भी सभी जिला उपायुक्तों से स्व-गणना के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया।
डीसी आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और लोगों को स्व-गणना के लाभों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विभागीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय स्तर के प्रभावशाली व्यक्तियों को भी इस अभियान से जोड़कर स्व-गणना को जन आंदोलन का रूप दिया जाए।
उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 1 मई से 30 मई 2026 तक तथा दूसरा चरण जनसंख्या गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगा। इस बार नागरिकों को 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प मिलेगा, जिसके तहत वे ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जानकारी सबमिट करने पर उन्हें एसएमएस व ई-मेल के जरिए एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी, जिसके बाद गणनाकर्मी केवल मौके पर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
डीसी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित होगी और गणनाकर्मी विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग करेंगे, जो ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डाटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। यह एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में भी कार्य प्रभावित नहीं होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, सीटीएम अंकित कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी मूर्ति, सांख्यिकी विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित अन्य चार्ज अधिकारी मौजूद रहे।


