फरीदाबाद। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह की अध्यक्षता में उच्च स्तर पर आयोजित बैठक के दौरान निगम के विभिन्न परिचालन एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। फरीदाबाद उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा की उपस्थिति में बैठक में राजस्व सुधार, उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता तथा तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मंगलवार को आयोजित बैठक में विभिन्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बिलिंग दक्षता, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन हानियां, एटी एंड सी हानियां तथा आरआईबी की स्थिति, बकाया राशि की वसूली, विशेषकर डिस्कनेक्ट किए गए उपभोक्ताओं से रिकवरी की प्रगति, पीडीसीओ साइटों के सत्यापन तथा रिकवरी, एलआरए कार्रवाही की शुरुआत, बिजली चोरी पकडऩे के लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति, शहरी एवं आरडीएस फीडरों में हानियां (येलो/रेड/ब्लैक जोन), एफटू ओके मामलों की लंबित संख्या, एचटी व एलटी सीटी ओके प्रतिशत तथा सीएम टूल अपवाद, बिलिंग शिकायतों की लंबित स्थिति की समीक्षा की गई।
साथ ही बैठक में रिकवरी पर जोर देते हुए डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर्स की संख्या और अनडिस्प्यूटेड/कोर्ट केस संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने मेरा गांव जगमग गांव एवं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रगति, एचईआरसी से संबंधित मुद्दे, विशेषकर मीटर बॉक्स की अनुचित स्थापना, असुरक्षित खंभों एवं लाइनों के स्थानांतरण संबंधी सरकारी निर्देशों का अनुपालन, जन संवाद, सीएम एसएमजीटी, सीएम विंडो, नए कनेक्शन एवं एचईपीसी पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘मेरा गांव जगमग गांव’ के तहत 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फीडर स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में लाइन लॉस या तकनीकी बाधाएं हैं, वहां समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सुधार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के निर्देशों एवं विनियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से मीटर बॉक्स की अनुचित स्थापना, उपभोक्ता परिसरों में असुरक्षित वायरिंग, तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोलर पैनल लगाने वाले वेंडरों को मीटर डिपार्टमेंट द्वारा ही उपलब्ध करा जाए।
विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने समीक्षा बैठक के दौरान 11 केवी एवं 33 केवी फीडरों की ट्रिपिंग एवं ब्रेकडाउन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बार-बार ट्रिप होने वाले फीडरों की पहचान कर उनके मूल कारणों का तकनीकी विश्लेषण किया जाए तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जहां भी उपकरणों की खराबी, ओवरलोडिंग या लाइन दोष के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। विक्रम सिंह ने क्षतिग्रस्त वितरण ट्रांसफार्मरों तथा उनकी असफलता दर कम करने के उपाय, घातक एवं अघातक विद्युत दुर्घटनाओं की समीक्षा, ऑडिट, एमएंडपी, एनर्जी ऑडिट से संबंधित एलओआर मामलों की चार्जिंग, डीटी, लाइनों एवं सब-स्टेशनों के प्रिवेंटिव मेंटेनेंस की स्थिति की रिपोर्ट ली।
उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व संग्रह में सुधार, लाइन हानियों में कमी, उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निपटान तथा सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सभी सर्कलों में नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी। उपभोक्ता शिकायतों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी शिकायतों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं संवेदनशील सेवाएं प्रदान की जाएं। इस मौके पर निदेशक (ऑपरेशन) विपिन गुप्ता, मुख्य अभियंता (कमर्शियल) अनिल शर्मा, मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) वीके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता कमर्शियल- एसके सिंह, सीबीओ- विजेंद्र लांबा, मॉनिटरिंग- हरिदत्त, स्टोर कंट्रोलर- एसएस कंटूरा सहित निगम मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। फरीदाबाद के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र ढूल सहित सभी कार्यकारी अभियंता एवं उपमंडल अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।


