फरीदाबाद एनआइटी में एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में भी भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री हो सकेंगी। कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में सिर्फ अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई हुई। इस क्षेत्र में प्लाट व भवनों की रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने डबुआ एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की मांग पर इस दायरे में मूलभूत सुविधाओं की मरम्मत की छूट दी हुई है। नीरज के कथन के अनुसार उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 100 मीटर क्षेत्र के दायरे निर्माण कार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विधायक नीरज शर्मा ने इस क्षेत्र में रजिस्ट्री की बाबत संज्ञान कराया है। इसलिए सरकार की तरफ से 24 घंटे में विषयांकित जांच के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में भी भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री हो और इसके बाद भू-संपत्ति का इंतकाल भी राजस्व रिकार्ड में चढ़ाया जाए। दुष्यंत ने कहा कि
एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में भी हो सकेंगी रजिस्ट्री
फरीदाबाद एनआइटी में एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में भी भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री हो सकेंगी। कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में सिर्फ अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई हुई। इस क्षेत्र में प्लाट व भवनों की रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने डबुआ एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की मांग पर इस दायरे में मूलभूत सुविधाओं की मरम्मत की छूट दी हुई है। नीरज के कथन के अनुसार उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 100 मीटर क्षेत्र के दायरे निर्माण कार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विधायक नीरज शर्मा ने इस क्षेत्र में रजिस्ट्री की बाबत संज्ञान कराया है। इसलिए सरकार की तरफ से 24 घंटे में विषयांकित जांच के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में भी भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री हो और इसके बाद भू-संपत्ति का इंतकाल भी राजस्व रिकार्ड में चढ़ाया जाए। दुष्यंत ने कहा कि
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी ।
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