फरीदाबाद ( अतुल्य लोकतंत्र) :इस्कॉन मंदिर सेक्टर 37, फरीदाबाद में भगवान बलराम के प्राकट्य दिवस, जिसे बलराम पूर्णिमा भी कहा जाता है, को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान बलराम, भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता, अपनी अटूट भक्ति और श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं में सहयोग के लिए पूजनीय हैं। भगवान बलराम, जिन्हें संकर्षण के नाम से भी जाना जाता है, नंद महाराज और वसुदेव के कुलों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिनभर चलने वाले इस उत्सव की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से हुई, जिसके पश्चात जप, कीर्तन और प्रातः 10:30 बजे कृष्ण-बलराम का अभिषेक हुआ। अभिषेक समारोह के दौरान, भगवान बलराम की अत्यंत श्रद्धा और प्रेम से पूजा की गई। अभिषेक के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया, जिससे समुदाय और आध्यात्मिकता की भावना और प्रगाढ़ हुई।
इस्कॉन ईस्ट ऑफ कैलाश के अध्यक्ष मोहन रूप प्रभु, जो इस अवसर पर फरीदाबाद मंदिर में कृष्ण कथा सुनाने आए थे, उन्होंने भगवान बलराम की कृपा से श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि इस पावन दिन भगवान बलराम से प्रार्थना करें ताकि श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति प्राप्त हो सके। भगवान बलराम का सम्मान कर भक्त न केवल श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप को गहराई से समझने का प्रयास करते हैं, बल्कि उनके प्रति अपनी भक्ति को भी प्रगाढ़ करते हैं। इस्कॉन मंदिर सेक्टर 37 में आयोजित यह उत्सव मंदिर की आध्यात्मिक मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता का सुंदर प्रमाण था।


