फरीदाबाद। जिले के उपायुक्त विक्रम यादव ने इस पद पर तैनाती के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। वे 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले जून 2021 से अगस्त 2022 तक अंबाला जिले में भी उपायुक्त रह चुके हैं। यानी पिछले लगभग चार वर्षों से वे लगातार दो बड़े जिलों में डीसी के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक मामलों के जानकार और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि जहां एक ओर अधिकांश जिलों में डीसी का कार्यकाल दो वर्ष से भी कम रहा है, वहीं विक्रम का लगातार तीन साल एक ही जिले में डीसी बने रहना अब अपवाद माना जा रहा है।
एक साल में हो रहे तीन-तीन तबादले
कानूनविद हेमंत ने बताया कि हरियाणा में पहले किसी जिले में तीन साल तक डीसी बने रहना सामान्य बात थी, लेकिन अब ऐसा कम ही देखने को मिलता है। पिछले कुछ वर्षों में डीसी पद को लेकर आईएएस अधिकारियों में लॉबिंग काफी बढ़ गई है, जिसकी वजह से कई जिलों में एक ही साल में दो से तीन बार डीसी का तबादला हो जाता है।
फरीदाबाद, पानीपत, जींद छोड़ बाकी जिलों में कम कार्यकाल
वर्तमान में फरीदाबाद के अलावा केवल पानीपत और जींद ही ऐसे जिले हैं, जहां उपायुक्तों का कार्यकाल दो वर्ष या उससे अधिक हुआ है। पानीपत में 2013 बैच के वीरेंद्र दहिया अढ़ाई वर्ष से और जींद में 2015 बैच के मोहम्मद इमरान रजा दो वर्षों से डीसी पद पर तैनात हैं। अन्य सभी जिलों में वर्तमान डीसी का कार्यकाल दो वर्ष से कम है।
चंडीगढ़ में तीन साल का तय कार्यकाल, निशांत यादव कर रहे सेवा
हेमंत ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में उपायुक्त पद पर हरियाणा कैडर का आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर तैनात होता है। यहां पर डीसी का कार्यकाल सामान्यतः: तीन वर्ष होता है। वर्तमान में हरियाणा कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी निशांत कुमार यादव नवम्बर 2024 से चंडीगढ़ के उपायुक्त पद पर हैं। इससे पहले वे गुरुग्राम में लगभग पौने तीन साल डीसी रहे।
22 में से 15 जिलों में यूपीएससी से सीधे चुने गए आईएएस अफसर तैनात
हेमंत कुमार ने प्रदेश के सभी जिलों में तैनात उपायुक्तों के बैकग्राउंड का विश्लेषण किया। उनके अनुसार हरियाणा के 22 जिलों में से 15 जिलों में वर्तमान में डीसी पद पर यूपीएससी से सीधी भर्ती से चयनित आईएएस अधिकारी तैनात हैं।
पांच जिलों में एचसीएस से प्रमोट होकर बने आईएएस डीसी पद पर
वहीं 5 जिलों में एचसीएस से पदोन्नत होकर आईएएस बने अधिकारी डीसी पद पर हैं। इनमें सोनीपत में सुशील सारवान (2012), महेंद्रगढ़ में मनोज कुमार-1 (2012), पानीपत में वीरेंद्र दहिया (2013), चरखी दादरी में डॉ. मुनीश नागपाल (2016) और पंचकूला में सतपाल शर्मा (2025 में प्रमोट) तैनात हैं।
नॉन-एचसीएस व कम अनुभव वाले कोटे से बने आईएएस डीसी
पलवल में 2016 बैच के हरीश वशिष्ठ और फतेहाबाद में डॉ.विवेक भारती, जो दोनों नॉन-एचसीएस कोटे से चयनित होकर आईएएस बने, वर्तमान में डीसी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में आम तौर पर आईएएस अधिकारी को डीसी बनाने से पहले कम से कम 9 से 16 वर्ष की सेवा देखी जाती है, लेकिन हरियाणा में यह नियम उतना कठोर नहीं है। वर्तमान में प्रदेश में 2017 बैच के चार और 2018 बैच के दो आईएएस अधिकारी डीसी के पद पर तैनात हैं।


