पलवल/ हरियाणा गर्व•पी.डब्लूय.डी.मैकेनिकल वर्करज यूनियन रजि.न.41मुख्यालय चरखी दादरी सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की सिंचाई विभाग सिविल ब्रांच की जरनल मीटिंग सिंचाई विभाग कार्यकारी अभियन्ता कार्यालय पर जिला चेयरमैन वीरसिंह तेवतिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई संचालन जिला उपप्रधान सुभाष राणा ने किया।
जरनल मीटिंग मे ब्रांच प्रधान सतपाल करहाना को जिला सचिव चुने जाने पर हरियाणा गर्व•पी.डब्लूय.डी. मैकेनिकल वर्करज यूनियन रजि.न.41सम्बद्ध सर्व कर्मचारी संघ के संविधान के अनुसार निचली कमेटी से त्यागपत्र देकर ब्रांच का नया चुनाव करवाया गया। जिसमे प्रधान पद पर अशोक छोंकर को चुना गया सचिव नितिन बैंसला, कोषाध्यक्ष सचिन, उपप्रधान श्याम सिंह, सहसचिव ईकलास , संगठन सचिव बीर सिंह, प्रैस सचिव रवि जिंदल,आडिटर महेश को सर्वसम्मति से चुना गया ।
आज की मीटिंग को राज्य मुख्य संगठन सचिव योगेश शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा की
9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी को लेकर राज्य स्तरीय जत्थे चले हुए हैं जो 3जुलाई को पलवल जिले मे पहुंचेगा जिसकी 10बजे पलवल हॉस्पिटल, 12बजे श्रद्धानंद पार्क, व 2बजे पोस्ट ऑफिस मे मीटिंग होगी।
श्रद्धानंद पार्क मे बिजली, पब्लिक हैल्थ,सिंचाई विभाग, बी&आर विभाग, वन विभाग, अध्यापक संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, आई.टी.आई, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग, के कर्माचारी इकठ्ठे होंगे व पोस्ट ऑफिस पर नगरपालिका व ग्रामीण कर्मचारियों, मजदूरों और परियोजना कर्मियों की सभाएं एवं गेट मीटिंग होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य मे लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी है और कर्मचारियों,परियोजना कर्मियों ,मजदूरों व आम मेहनतकश जनता की उपेक्षा के साथ-साथ लगातार वादाखिलाफी कर रही है, जिसे बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। एसकेएस और सीटू राज्य सरकार को मांगपत्र भेजकर बातचीत से समाधान करने की अपील कर चुके है,लेकिन सरकार बातचीत से समाधान करना नही चहती ओर इससे कर्मचारियों,मजदूरों और परियोजना कर्मियों मे लगातार अक्रोश बढ रहा है।
मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए राज्य उपप्रधान राकेश तंवर
व मुख्य संगठन सचिव व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा की अतिशीघ्र आठवें वेतन आयोग का गठन करने और जब तक आठवां वेतन अयोग लागू नही किया जाता सभी कर्मचारियों को बढ़ती हुई महंगाई के अनुसार 5 हजार रूपये अंतरिम रहात के रूप मे देना , आठवे वेतन आयोग से पहले 7वे वेतन अयोग की विसंगतिया दुरुस्त करना, पुरानी पेंशन बहाल करना,हटाए गए कौशल के सभी कर्मचारियों को वापिस लेते हुए नियमितीकरण की पॉलिसी बना कर सभी तरह के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना,परियोजना कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देना, बिना शर्त के एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने, पूंजीपतियों के हक में बनाए गई चार श्रम संहिताओं को रद्द करने,बढ़ते हुए महंगाई भत्ते के अनुसार आवास भत्ते में बढ़ोतरी करने, कर्मचारियों के आश्रितों के मेडिकल प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान आश्रित की आय को जोड़े बिना करने,आबादी व क्षेत्रफल के अनुसार 10 लाख बेरोजगारो को पक्का रोजगार देना, परियोजना कर्मियों व मजदूरों को 26 हजार रु न्यूनतम मानदेय देने,विभागो का निजीकरण ना करके उनका विस्तार करके जनता को सस्ती दर पर शिक्षा, स्वस्थ,सफाई व अन्य सुविधा उपलब्ध कराना आदि माँगो को लागू करने मे सरकार आनाकानी कर रही है। जिसको लेकर कर्मचारियों,मजदूरों,परियोजना कर्मियों में भारी रोष है और 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर इसका करारा जवाब दिया जाएगा।


