Palwal/ atulya loktantra : सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा सम्बन्द्ध अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा ने रसुलपुर रोड निशान्त पब्लिक स्कूल के सामने पब्लिक हेल्थ यूनियन कार्यालय में की। जिसका संचालन जिला सचिव योगेश शर्मा द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्य तौर पर जींद चैतावनी रैली में लिए गए निर्णयों को लागू करने की समीक्षा व हरियाणा मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन द्वारा जारी हड़ताल और उसमें सरकार की नियत व कर्मचारी आंदोलन पर पड़ने वालों प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को सम्बोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान रमेश चन्द सौरोत,जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा व जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि जींद की चैतावनी रैली में कर्मचारियों के उत्साह को देखते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने जो निर्णय लिए थे कि सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्षों को मांग पत्र सौंपेंगे और सभी विधायकों को मांगपत्र देने के उपरांत उनसे प्रदर्शन कर उनके कार्यालय पर जाकर जवाब मांगेंगे तथा सभी जनप्रतिनिधियों पार्षद, नगर पार्षद, ब्लॉक समिति सदस्य, सरपंच व पंचों के पास जाकर कर्मचारियों के मुद्दे व सरकार की कार्य नीति पर चर्चा कर उनसे आंदोलन के पक्ष में समर्थन हासिल किया जाएगा । ये उपरोक्त कार्यक्रम लगातार सभी जिलों में कर्मचारियों द्वारा उत्साह से चलाए जा रहे हैं। प्रदर्शन कर विधायकों/ प्रतिनिधियों से पूछा जा रहा है कि सरकारी विभागों में निजीकरण की प्रक्रिया को चिराग, आयुष्मान, चिरायु जल जीवन मिशन, बिजली बिल, आदि के माध्यम से जन सेवाओं व रोजगार को समाप्त कर रही है। संघ पूछता है कि आप या आपका दल क्या इस नीति के साथ है? कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने बारे में पूर्व सरकारों की तर्ज पर पॉलिसी बनानी चाहिए या नहीं, समान काम समान वेतन लागू करना चाहिए या नहीं, कौशल रोजगार निगम के तहत युवाओं का शोषण करना चाहिए या नहीं , और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमिशन व हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन आदि को बंद करने की तैयारी है । क्या आप और आपका दल इसके पक्षधर हैं? कर्मचारियों को जीवन का बहुमूल्य समय जन सेवाओं में लगाने के बाद भी पुरानी पेंशन नहीं जबकि सांसद, विधायक कई-कई पेंशन ले रहे हैं क्या यह ठीक है? कर्मचारियों के सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को संगठनों से बातचीत कर दूर की जानी चाहिए या प्रत्येक दिन कर्मचारियों को हड़ताल व प्रदर्शन करने पर मजबूर करना चाहिए। आठवें वेतन आयोग का गठन,कोरोना काल का बकाया डीए,एचआरए में बढ़ोतरी आदि कर्मचारियों के मुद्दों पर आपका क्या पक्ष है । जब प्रदर्शन कर सभी विधायकों व उनके प्रतिनिधियों से जवाब मांगे जाते हैं तो कुछ समर्थन करते हैं और कुछ विधायक सत्तापक्ष के होने के बावजूद सरकार की नियत में खोट होने पर भी मुद्दों का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा सरकार की पोल खुलने से सरकार दिन प्रतिदिन परेशान हो रही है।
सरकार अपनी परेशानी दूर करने के लिए सर्व कर्मचारी संघ से बातचीत न कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घटक भारतीय मजदूर संघ को कर्मचारियों के बीच फूट डालने के लिए इस्तेमाल कर रही है। सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित संगठन 2011 से लगातार 35,400 रुपये लागू करवाने हेतु संघर्षरत रहता है। इसी क्रम में पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चटठा के निवास पर 477 दिन आंदोलन , विधानसभा पर प्रदर्शन,अनेकों बार रैलियां व जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जिनके परिणामस्वरूप पूर्ववर्ती सरकार ने 25 अगस्त, 2014 को कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया कि 1 नवंबर, 2014 से 35,400 लागू कर देंगे लेकिन सरकार बदलने पर वर्तमान सरकार ने चुनावी मुद्दा होते हुए भी लिपिक सहित सभी वर्गों को पंजाब, हिमाचल के समान वेतनमान देंगे लेकिन सरकार बनते ही वो अपने वायदे से पलट गए। यदि सरकार कर्मियों की जायज मांगों को नहीं मानेगी तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।
मीटिंग में सरकार की नीतियों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभावों पर 6 अगस्त, 2023 को राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाएगा। इस सम्मेलन में जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी व
विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों व समस्त सक्रिय सदस्य शामिल होंगे। 18 अगस्त,2023 को फरीदाबाद कमिश्नरी पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएंगे। इस मौके पर संघ के
जिला कोषाध्यक्ष देवी सिंह सहजवार, पलवल खंड के प्रधान राजकुमार डागर, सचिव हरकेश सौरोत,
होडल खंड के प्रधान देवेन्द्र नम्बरदार, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव थान सिंह शर्मा, पशुपालन विभाग के जिला प्रधान पवन रावत,हंमसा भूपेन्द्र शर्मा, टेकचंद शर्मा, हुड्डा विभाग से हंसराज डागर,सीटू उपप्रधान उदयवीर ने अपनी बात रखी।


