
भारत सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल डिफेंस द्वारा एसवीएसयू में बुजुर्गों और नई पीढ़ी में समन्वय पर आयोजित किया गया जागरूकता कार्यक्रम
पलवल। बुजुर्गों के साथ समय बिताएं और उनके दिल की सुनें। बदले में आपको न केवल ज़िंदगी का तजुर्बा मिलेगा, बल्कि आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। यह उद्गार श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मंगलवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल डिफेन्स द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में व्यक्त किए। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत यह संस्थान नई और पुरानी पीढ़ियों के बीच समन्वय के लिए काम कर रहा है। इसी कड़ी में यह कार्यक्रम श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के रत्नागिरि भवन में आयोजित किया गया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि मोबाइल तकनीक के इस दौर में बुजुर्ग कहीं न कहीं पीछे छूटे हैं।
यह स्थितियां हमें बदलनी होंगी। बुजुर्गों के साथ समन्वय के लिए हमें समय सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि वो एकांकी महसूस न करें। इंस्टीट्यूट के जनरल काउंसिल सदस्य अजित तेवतिया ने विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें बुजुर्गों के अनुभव और वर्तमान की तकनीक के बीच समन्वय स्थापित करना चाहिए। यदि हम बुजुर्गों का सम्मान करेंगे और उनके सम्पर्क में रहेंगे तो हमारा दृष्टिकोण बड़ा होगा। अजित सिंह तेवतिया ने कहा कि इससे समाज में सृजन भाव बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी के अनुभवों को सम्मान दें और उनके साथ समय बिताएं।
भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि समाज सेवा भारतीयों की रगों में दौड़ती है। हमें बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए और उन्हें समय देना चाहिए। डॉ. सुनील शर्मा ने वृद्धों के प्रति सहानुभूति और समानुभूति का भाव रखने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नेतृत्व के गुण भी बताए।
संस्थान की रिसर्च ऑफिसर तान्या सेन गुप्ता ने युवाओं से वृद्धों के साथ समन्वय एवं उनके साथ समय देने के तौर-तरीकों से अवगत करवाया।
एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत ने विद्यार्थियों को संस्कारों को जीवन में धारण करने और भारतीय सामाजिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया। इंडस्ट्री रिलेशन्स एन्ड एलुमनी अफेयर्स डिपार्टमेंट की निदेशक चंचल भारद्वाज ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। डॉ. भावना रूपराई ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर उप निदेशक अमीष अमेया, पंकज, नीरू और नीलम सहित इरा के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


