पलवल। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक विदेशी भाषा अनिवार्य करने वाले श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने स्कूली विद्यार्थियों में विदेशी भाषाओं के प्रति दिलचस्पी पैदा करने की अनोखी पहल की है। इस कड़ी में अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय के स्किल डिपार्टमेंट ऑफ़ लैंग्वेज द्वारा विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में जर्मन और जापानी भाषा के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने उद्घाटन सत्र में कहा कि भाषा किसी भी संस्कृति का रोडमैप होती है।
वर्तमान में भाषा करियर के लिहाज से सशक्त माध्यम है। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थी श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर विदेशी भाषाओं में अपना करियर बना सकते हैं। ऑन डी जॉब ट्रेनिंग के लिए एसवीएसयू के साथ बहुत बड़े इंडस्ट्री पार्टनर जुड़े हुए हैं।
अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं के प्रति प्रेरित किया और अपनी उपस्थिति से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाया। प्रोफेसर विक्रम सिंह ने इंडस्ट्री से आए विशेषज्ञों का स्वागत किया और उनकी भूमिका की सराहना की।
कॉन्सेंट्रिक्स की डिप्टी मैनेजर निमिषा चोपड़ा ने विद्यार्थियों के समक्ष यूरोप की अर्थव्यवस्था के बारे में तथ्य प्रस्तुत करते हुए अर्थव्यवस्था में जर्मन भाषा के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने टूरिज्म, पत्रकारिता, मेडिकल के क्षेत्र में इस भाषा से संबंधित रोजगार की असीम संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। अमेज़न कंपनी से आए लक्ष्मण कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने किस प्रकार पलवल में रहते हुए विदेशी भाषाओं को सीख कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए। इसके बाद आईआईएलएम विश्वविद्यालय गुरुग्राम से आए लोकेश साहू ने फ्रेंच भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भाषा विश्व के 29 देशों की आधिकारिक भाषा के रूप में प्रयोग की जाती है।
उन्होंने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में नए सत्र से प्रारंभ होने वाले फ्रेंच भाषा की ग्रेजुएशन डिग्री के फायदों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सचिन कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने किस प्रकार यहां से जर्मन भाषा सीखकर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए हैं। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के जापानी भाषा की प्रोफ़ेसर मीवा शशाकी ने विश्व में जापानी भाषा से संबंधित रोजगार के विस्तृत क्षेत्र पर बात की। विद्यार्थियों ने जापानी एवं जर्मन भाषा में गीत भी प्रस्तुत किए। डॉ. नकुल ने विभिन्न स्कूलों से आए हुए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के बारे में एवं दाखिल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने जापानी और जर्मन भाषा एवं संस्कृति पर आधारित प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित किए। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ को इस आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. भावना रूपराई ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कल्पना महेश्वरी, मीनाक्षी कौल, राहुल मालिक, प्रियम श्योराण, डॉ. नेहा और मनमीत कौर भी मौजूद रहे।


