Gwalior/ गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंडस इन इंडिया के सहयोग से एक सेमिनार का आयोजन इंस्टिट्यूट का लॉ डिपार्मेंट रांची विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया कार्यक्रम को उद्घाटन जमील असगर क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय बचत संस्थान वित्त मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा आई. एल.एस.के सभागृह में किया गया। कार्यकम मैं मुख्य वक्ता एवं अतिथि के रूप में श्री शुरू श्री सूर्यकांत शर्मा (सीनियर कंसलटेंट पूर्व डीजीएम सेबी) ने कहा है कि आज शिक्षा के साथ वित्तीय साक्षरता पर जोर दिया जा रहा है।
भारत सरकार ने वित्तीय नियामकों के सहयोग के साथ वित्तीय साक्षरता, निवेशक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
आज आवश्यकता है कि पैसे को बचाया जाए उसका सही निवेश,इन्वेस्ट किया जाए जिससे कि आपका पैसा आपको भी कमा के दे। फाइनेशियल प्लान बनाकर रखिए। जागरुक निवेशक बनिए दूसरे की राय पर नहीं ख़ुद विचार करें।अपने रिटायरमेंट की जिंदगी फाइनेंशियल प्लान निवेश में पावर ऑफ कंपाउंड का कंपाउंड का ध्यान रखें जो दुनिया का आठवां आश्चर्य है। डॉ.पुष्पा कुमारी बिन्हा, विभागाध्यक्ष डोरंडा कॉलेज,रांची ,विद्यासागर उपाध्याय प्रख्यात शिक्षा विद एवं दार्शनिक बलिया,डॉ सुनील कुमार मिश्रा, फिल्म एक्टर एवं लेखक बिलासपुर, हिमांशु यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर राजनीति विज्ञान विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय, आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।
कार्यकम की अध्यक्षता श्रीप्रकाश सिंह निमराजे अध्यक्ष गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने की। इस अवसर पर डॉ.ओमप्रकाश,सुषमा कुजूर असिस्टेंट प्रोफेसर मंडर कॉलेज, रोमाली कुमारी, मनीष कुमार, डॉ रिंकी कुमारी, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र वोमेन कॉलेज समस्तीपुर, डॉ. पुलकित कुमार कुमार मंडल, सहायक प्राध्यापक, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, शिवप्रसाद दास, मगध विश्वविद्यालय, डॉ. विनय कुमार गुप्ता विभागाध्यक्ष राजनितिक विज्ञान, परीक्षा नियंत्रक, डॉ. रश्मि किरन मुंगेर आदि जनों ने अपने विचार एवं शोध आलेख प्रस्तुत किया द्वितीय सत्र मै शिक्षा नीति पर पर अपनी बात रखी प्रतिभाग ने। इस अवसर पर इस अवसर पर डॉक्टर सुधांशु कुमार चक्रवर्ती द्वारा रचित पुस्तक सर्कस (बाल लघु कथा संग्रह), अजय पांडे बेबस की पुस्तक महफिल ए गजल का लोकार्पण किया। सूर्या फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से भले दिनों की बात बात का पोस्टर विमोचन किया गया।
आरंभ में अतिथियों का स्वागत गुलदस्ता भेंट कर किया गया । सेमिनार के संयोजक डॉ. दीपक कुमार जी द्वारा कार्यकम बाबत बताया गया। आध्यात्मिक विश्वविद्यालय सहयोगी रहा।


