बहुत याद आओगे प्रशांत तुम..
अतुल्य लोकतंत्र के लिए वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेन्द्र सिंह रावत की कलम से.. अभी-अभी पुराने साथी, हरनंदी कहिन नामक पर्यावरण पत्रिका के युवा संपादक और पर्यावरण से संबन्धित मुद्दों पर सदैव अग्रणी रहने वाले प्रशांत वत्स का कोरोना के चलते यूं अचानक चले जाना बेहद दुखदायी है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब कोई अभिन्न सनेही मित्र हमें छोड़कर इस दुनिया…


