ओडिशा के राउरकेला में इंडिया वन एयर के 9 सीटर विमान की तकनीकी खराबी के बाद फोर्स लैंडिंग हुई। घटना शनिवार दोपहर 1.20 बजे राउरकेला से 15 Km दूर जाल्दा इलाके की है। घटना के वक्त फ्लाइट में 4 यात्री और दो पायलट मौजूद थे। सभी घायलों का इलाज जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि कर्मशिअल विमान VT KSS ने दोपहर 12.27 से भुवनेश्वनर से राउरकेला के लिए उड़ान भरी थी। 50 मिनट की उड़ान के बाद प्लेन में तकनीकी खराबी का पता चला। पायलट ने MAYDAY कॉल किया। इसके बाद खुले इलाके में फोर्स लैंडिंग कराई। हादसे की मुख्य वजह साफ नहीं है। प्लेन का ब्लैक बॉक्स रिकवर किया जा रहा है।
वहीं, क्रैश की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें नजर आ रहा है कि VT KSS प्लेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। उसके विंग्स भी क्षतिग्रस्त हैं। ओडिशा के वाणिज्य और परिवहन मंत्री बी बी जेना ने कहा कि क्रैश विमान A-1 कैटेगरी का है। घटना की जानकारी DGCA को दी गई है।
MAYDAY शब्द फ्रेंच शब्द ‘m’aider’ से लिया गया है। इसका मतलब है ‘help me’ यानी ‘मुझे बचाओ’। MAYDAY कॉल आमतौर पर रेडियो के माध्यम से ATC या आसपास के अन्य विमानों को भेजा जाता है।
इस सिग्नल का उपयोग तत्काल सहायता और प्राथमिकता प्राप्त करने के लिए किया जाता है, ताकि इमरजेंसी से निपटा जा सके और समय पर मदद मिल सके।
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी।
हादसे में प्लेन में सवार 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जहां विमान गिरा था, वहां मौजूद 29 लोग मारे गए थे। एक व्यक्ति जीवित बचा था।
फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था।
भारत के सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बताया था कि उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला।
DGCA के अनुसार, पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था।


