आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि फिल्म तो शुरू भी नहीं हुई थी, बस 88 घंटे का ट्रेलर दिखा था। अगर पाकिस्तान फिर मौका देता है तो हम उन्हें बताने में पीछे नहीं हटेंगे कि जिम्मेदार देश पड़ोसियों से कैसे पेश आते हैं।
आर्मी चीफ दिल्ली में चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत प्रगति की बात करता है, इसलिए जो लोग आतंक फैलाते हैं, उन्हें रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि असली ताकत वही होती है जब दुश्मन को यकीन हो कि अगर उसने कोई गलती की तो भारत तुरंत कार्रवाई करेगा। आज भारत की डिफेंस क्षमता इतनी मजबूत हो चुकी है कि सामने वाला देश हमारे इरादों को गंभीरता से लेता है।
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 5 नवंबर को दिल्ली में हुए ‘इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2025’ में कहा कि आज दुनिया में कई तरह के खतरे हैं और ये तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में कोई भी देश अकेले सुरक्षित नहीं रह सकता। अब सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा- रक्षा क्षेत्र में मिलजुलकर की गई खोज (इनोवेशन) ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी 1 नवंबर को 53 साल बाद अपने बचपन के स्कूल सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे थे। इस दौरान आर्मी चीफ ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर एक धर्म युद्ध था, यह आगे भी जारी रहेगा। हमने किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया, न ही नमाज या किसी भी धार्मिक प्रार्थना के समय हमला किया। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि युद्ध के दौरान जमीन पर कब्जा ही भारत में जीत की असली ‘करेंसी’ या पैमाना है। इस वजह से थल सेना की भूमिका हमेशा सबसे अहम रहेगी। जनरल द्विवेदी दिल्ली में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे।


