असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक के मामले की जांच अब केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी सबूत केंद्र को सौंप दिए हैं और अब केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों से संबंध रहा है और यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि गोगोई ने पाकिस्तान की यात्रा की और वहां के कुछ लोगों से संपर्क रखा।
असम CM ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव और उनकी पत्नी एलिजाबेथ, पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख के बहुत करीब हैं। एक पाकिस्तानी फर्म ने गौरव की पत्नी को नौकरी दी, फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया।
एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करती थीं और पाकिस्तानी नागरिक अली शेख को रिपोर्ट देती थीं। अली तौकीर शेख एलिजाबेथ को इस काम के लिए सैलरी देता था।
हिमंता ने यह भी दावा किया कि अली तौकीर 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया था। उसका मकसद दुनिया में भारत विरोधी नैरेटिव तैयार करना था।
सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि गौरव गोगोई ने कथित तौर पर संवेदनशील संसदीय जानकारी साझा की, पाकिस्तान की यात्रा की और यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के नाम पर पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा।
हालांकि, इन आरोपों की अभी किसी केंद्रीय एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
असम CM की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया के सामने मंच पर खुद को शर्मिंदा किया। असम में कोई उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता।
असम कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि हिमंता परिवार ने कथित तौर पर पूरे असम में 4,000 एकड़ जमीन कैसे हासिल की। उन्होंने कहा कि राज्य में भविष्य की कांग्रेस सरकार ऐसी जमीनों को गरीबों में बांट देगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता ने बताया कि हमने मौजूदा सांसद गौरव गोगोई से पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में पूछताछ नहीं की है। हमने उनके पद की गरिमा का सम्मान करते हुए यह मामला केंद्र पर छोड़ दिया है। हिमंता ने यह भी कहा कि अगर अब गौरव गोगोई को गिरफ्तार करने जैसा कदम उठाया तो मुझ पर असम विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति करने का आरोप लगेगा।


