पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से सवा घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों और मुअज्जिनों (अजान के लिए आवाज देने वाला) के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की है। इन्हें अब हर महीने 2 हजार रुपए मिलेंगे।
सीएम ममता ने रविवार दोपहर X पोस्ट में लिखा- पुजारी और मुअज्जिन समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने मानदेय योजना के तहत पुजारियों और मुअज्जिनों की सभी नई आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है।
ममता ने लिखा कि हम ऐसा माहौल बनाने पर गर्व करते हैं, जहां हर समुदाय और परम्परा को महत्व दिया जाता है और मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को उचित सम्मान और समर्थन मिले।
सीएम ममता ने ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा पूरा करते हुए ROPA 2009 के तहत महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर, शैक्षणिक संस्थानों के लाखों शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी, साथ ही पंचायत, नगरपालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों जैसे अनुदानित संस्थानों के कर्मचारी और पेंशनर को इस फैसला का लाभा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि ROPA 2009 के DA का बकाया भुगतान मार्च 2026 से शुरू होगा। इसके लिए राज्य के वित्त विभाग की ओर से विस्तृत अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं, जिनमें भुगतान की प्रक्रिया और नियम तय किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 1 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हुई थी। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे।
CEO ने कहा- 60 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम की जांच अभी भी जारी है। हालांकि उन्हें नई वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बाद में इन नामों पर फैसले के बाद लिस्ट में बदलाव हो सकता है। 2021 चुनाव में 294 में 166 सीटों पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था।


