दिल्ली ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया हैं। सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मॉड्यूल कश्मीर के अस्पतालों को हथियारों का ठिकाना बनाने की कोशिश कर रहा था। यह तरीका हमास की रणनीति से मिलता-जुलता है, जो नागरिक इलाकों और अस्पतालों को हथियारों के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करता है।
दरअसल जैश के आतंकियों ने भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए अस्पतालों को चुना है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वेद ने बताया कि आतंकी 1990 में अस्पतालों का हथियारों के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करते थे। जिसके बाद आर्मी और पुलिस ने इसे पूरा क्लीन किया था। अब फिर अस्पतालों को ठिकाना बनाया जा रहा था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस मॉड्यूल ने कितने अस्पतालों को ठिकाना बनाने की कोशिश की और हथियारों की सप्लाई चेन कहां तक फैली हुई थी। दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही NIA और स्थानीय पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में लगी है।
दिल्ली ब्लास्ट केस में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कनेक्शन का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से जैश के हैंडलर हंजुल्ला ने दिल्ली धमाके के आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील गनई को बम बनाने के 40 वीडियो भेजे थे।
दोनों को जम्मू के शोपियां का रहने वाले मौलवी इरफान अहमद ने मिलवाया था। इसके बाद व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल तैयार किया था और कई डॉक्टर्स को इससे जोड़ा गया। दिल्ली धमाका भी इसी मॉड्यूल का हिस्सा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि हंजुल्ला जैश हैंडलर का कोर्ड नेम हो सकता है। 18 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के नौगाम में लगे जैश पोस्टरों में भी कमांडर हंजुल्ला भैया का नाम था। इसी से जांच एजेंसियों को शक हुआ।
दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. आदिल अहमद राथर और मौलवी इरफान को NIA ने हिरासत में ले लिया है। इससे पहले, जांच टीम ने फरीदाबाद के धौज गांव में रह रहे एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रॉनिक मशीनें बरामद कीं।
इसमें मेटल पिघलाने की मशीन भी है। जांच एजेंसी को जुड़े सूत्रों ने बताया कि इसी आटा चक्की में डॉ. मुजम्मिल यूरिया पीसता था, फिर मशीन से उसे रिफाइन करता था। इसके बाद केमिकल मिलाकर विस्फोटक बनाता था। केमिकल अलफलाह यूनिवर्सिटी की लैब से चुराया था।
मुजम्मिल की निशानदेही पर ही ड्राइवर को दबोचा गया है। ड्राइवर ने जांच टीम को बताया कि मुजम्मिल चक्की उसके घर रख आया था। तब उसने इसे बहन का दहेज बताया था। थोड़े दिन बाद वह चक्की धौज ले गया। मुजम्मिल जिस कमरे में यूरिया पीसता था, वहीं से 9 नवंबर को पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक जब्त किए थे।
उसने धौज से 4 किमी दूर फतेहपुरतगा में एक और कमरा ले रखा था। वह इस कमरे से यूरिया की बोरियां रखता और धौज ले जाता था।। 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दूसरे कमरे से 2558 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया था।


