मनरेगा का नाम बदलकर VB G RAM G करने का विरोध कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर करेगी। 5 जनवरी से देशभर में अभियान चलाया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी। उन्होंने कहा- मोदी को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया।
राहुल ने कहा- मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी। मनरेगा राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट था। यानी इससे देश के करोड़ों लोगों को मिनिमम वेज (न्यूनतम आय) मिलती थी। मनरेगा बंद करना डायरेक्ट राइट बेस्ड के कॉन्सेप्ट पर आक्रमण है। ये जो पैसा लिया जा रहा है, वो राज्यों से छीनकर केंद्र सरकार ले रहा है। ये पावर और फाइनेंस का कान्ट्रैक्शन है। ये फैसला सीधे पीएम हाउस से लिया गया है।
दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में खड़गे ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों को कम करने की सुनियोजित साजिश है। घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि गरीब, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट न हटें।
मनरेगा को सोनिया गांधी की टीम ने दिया था। लाखों परिवारों का भरण-पोषण दिया। मनरेगा नहीं तो लाखों लोग मर जाते। कांग्रेस हर हाल में मनरेगा की रक्षा करेगी। मजदूरों के अधिकारों के लिए हम संघर्ष करेंगे। केंद्र सरकार ने बिना सलाह के मनरेगा को खत्म किया।
मनरेगा से राष्ट्रपिता गांधी का नाम हटाना। उनका अपमान है। क्योंकि सोनिया गांधी, मनमोहन जी ने मनरेगा को कानून बनाया था। हमने हक दिया। आप नाम बदल रहे हैं। आप केवल गांधी परिवार ही नहीं। इनको महात्मा गांधी का भी नाम नहीं पसंद हैं। गांधी सरनेम से सरकार को दिक्कत है।
ये कानून गरीबों को कुचलने और उन्हें दबाने के लिए है। जब भारत दुनिया की जब चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है, उनके कहने के मुताबिक, तो मनरेगा जैसी योजना को बंद क्यों किया। आपके पास इतना पैसा है तो अमीर देश को क्यों लूट रहे हैं। अंबानी-अडाणी देश का पैसा डुबो रहे हैं तो मजदूरों को देने के लिए आपके पास पैसा नहीं था। ये सरकार अमीरों के साथ रहने वाली है, ये गरीबों के साथ नहीं है।


