बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। इससे पहले 10 जून 2004 को विपक्ष ने तत्कालीन PM मनमोहन सिंह को धन्यवाद प्रस्ताव पर नहीं बोलने दिया था।
गुरुवार को लोकसभा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इस पर स्पीकर ने पहली बार 65 सेकंड के भीतर, दूसरी बार 5 मिनट में और तीसरी बार 2 मिनट में कार्यवाही स्थगित कर दी। लोकसभा 3 बजे दोबारा शुरू हुई लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच कांग्रेस के लोकसभा से निलंबित सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि जब तक लोकसभा में राहुल गांधी को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं दी जाती, तब तक विपक्ष पीएम नरेंद्र मोदी को सदन में बोलने नहीं देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज शाम 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं।
लोकसभा में बुधवार को शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो।
पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम का संबोधन भी टल गया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा- कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। अगर ये घटना हो जाती तो लोकतंत्र की परंपरा को तार-तार हो जाती। इसको टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना।
उन्होंने विपक्ष के सांसद से कहा कि आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंची उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था। इस दौरान विपक्षी सांसद हंगामा करते रहे। इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर हंगामा हुआ। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल को पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर नहीं बोलने दिया, मैं उसपर यहां बोलूंगा। इस पर उपसभापति ने उन्हें रोक दिया।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे से कहा- राहुल गांधी नियम नहीं मानते, आप उन्हें समझाते क्यों नहीं। जेपी नड्डा ने भी खड़गे से कहा कि राज्यसभा में लोकसभा का मुद्दा नहीं उठा सकते। आप कांग्रेस को अबोध बालक का बंधक न बनने दें।


