चुनाव की शुरुआत से कांग्रेस और RJD ने SIR, वोट चोरी और नीतीश कुमार की सेहत को मुद्दा बनाया। वोट चोरी के मुद्दे पर वोटर अधिकार यात्रा निकाली। इसमें भीड़ तो जुटी, लेकिन वोट में नहीं बदली। प्रचार की पूरी जिम्मेदारी तेजस्वी ने संभाली। वोटर अधिकार यात्रा के बाद राहुल गायब हो गए।
तेजस्वी यादव ने नीतीश को अचेत मुख्यमंत्री बोलकर उनकी सेहत पर सवाल उठाए। उन्हें दिमागी तौर पर बीमार बताया, लेकिन नीतीश ने 25 दिन में 181 रैलियां करके इन बातों को झुठला दिया। हर दिन एवरेज 7 सभाएं कीं और 8 घंटे प्रचार किया।
वादों की बात करें तो महागठबंधन ने NDA की स्कीम से ज्यादा मदद का वादा किया। हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी, माई बहिन योजना में महिलाओं को एकमुश्त 30 हजार रुपए, 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज, भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसमिल जमीन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया।


