BJP सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। राहुल पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। दुबे ने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, सरकार राहुल के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं लाएगी। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए।
हालांकि, बीजेपी उनके (राहुल) भाषण से आपत्तिजनक हिस्से हटाने को लेकर अब भी अड़ी हुई है, क्योंकि उन्होंने अब तक अपने आरोपों को लेकर सबूत पेश नहीं किए हैं। बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के बजट चर्चा के दौरान कहे गए कुछ अंशों को रिकॉर्ड से हटाने का औपचारिक नोटिस दिया है।
इससे पहले, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें 4 फरवरी को लोकसभा स्पीकर के चैंबर में हंगामे का जिक्र है। रिजिजू ने दावा किया है कि विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं।
हालांकि प्रियंका ने कहा कि गालियां देने वाली बात झूठी है। उन्होंने किसी को नहीं उकसाया। वे चुपचाप थीं। आखिर में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।
निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा जिम्मेदारी से खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास पैसों का कोई ‘तालाब’ नहीं है। 2004-14 और 2014-25 की तुलना से साफ है कि पैसों का सही इस्तेमाल हुआ है और मोदी सरकार में राजकोषीय घाटा कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महंगाई पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहाती है। उसे खर्च की चिंता है, जबकि हमें नतीजों की। 2014 के बाद डीबीटी से गलत भुगतान रुके और करीब 48 लाख करोड़ रुपए सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए।
वित्त मंत्री ने कहा कि पहले के बजट में योजनाओं की घोषणा होती थी, लेकिन पैसा जारी नहीं होता था और अब उसी का आरोप हम पर लगाया जा रहा है। बजट बनाते समय अतीत से सीखने की बात होती है, लेकिन अगर अतीत खराब रहा हो तो उसे याद रखना आसान नहीं होता।


