प्रियंका गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट पर अपना चुनाव प्रचार सोमवार से शुरू कर दिया। राहुल गांधी के रायबरेली सीट चुनने के बाद वायनाड सीट से कांग्रेस ने प्रियंका को कैंडिडेट बनाया है। यहां 20 नवंबर को चुनाव है। रिजल्ट 23 नवंबर को आएगा।
प्रियंका ने वायनाड पहुंचने पर पहले रोड शो किया फिर मीनांगड़ी में रैली की। उन्होंने रैली में कहा- शादी के बाद मैं दिल्ली में मदर टेरेसा सिस्टर्स (NGO) में शामिल हुई थी। वहां छोटे बच्चों को अंग्रेजी और हिंदी पढ़ाती थी। वहां बाथरूम और फर्श साफ करती थी, खाना बनाती थी।
प्रियंका ने कहा कि मैं 19 साल की थी। पिता के निधन के 6-7 महीने बाद मदर टेरेसा मेरी मां सोनिया गांधी से मिलने हमारे घर आईं। उस वक्त मुझे बुखार था। मदर टेरेसा मुझसे मिलीं, मेरे सिर पर अपना हाथ रखा। मेरे हाथ में अपनी माला पहनाई थी।
23 अक्टूबर को नॉमिनेशन फाइल करने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड के लोगों को ओपन लेटर लिखकर कहा था कि मैं राहुल और वायनाड के रिश्ते को मजबूत करूंगी। उन्होंने X पर शेयर किए गए लेटर में लिखा- जन प्रतिनिधि के रूप में यह मेरी पहली यात्रा रहेगी, लेकिन फाइटर के रूप में यह मेरी पहली यात्रा नहीं होगी।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रोड शो के बाद वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। प्रियंका ने नामांकन से पहले कहा- जब मैं 17 साल की थी, तब मैंने पहली बार पिता के लिए 1989 में कैंपेन किया था। तब से इन 35 साल के दौरान मां, भाई के लिए वोट मांगें। अब पहली बार खुद के लिए समर्थन मांग रही हूं।


