लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे।
राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका।
राहुल करीब 46 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश करते रहे। इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 3 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल ने बोलना शुरू किया। लेकिन हंगामे के चलते महज 9 मिनट बाद ही कार्यवाही शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शाम 4 बजे भी कार्यवाही शुरू होते ही फिर हंगामा हुआ और 11 मिनट बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राहुल गांधी संसद में जिस किताब के आधार पर डोकलाम में चीनी टैंक घुसने का दावा कर रहे हैं, वह पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लिखी है। ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नामक यह किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। इसका हार्डकवर अप्रैल 2024 से ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर उपलब्ध है। किताब में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना को रिव्यू किया गया है।
2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे नरवणे ने इंडियन एक्सप्रेस के इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंग्विन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है। अब यह प्रकाशन समूह और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।
कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज शेयर किए हैं। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने संघर्ष के हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ?
राहुल ने मीडिया से कहा, “मैं सुरक्षा के मुद्दे पर सदन में बोलना चाहता था। पूर्व आर्मी चीफ ने राजनाथ सिंह से क्या कहा था। पता नहीं सरकार क्यों डरी हुई है। मैं पूर्व आर्मी चीफ की बात बताना चाहता था। नरवणेजी ने पीएम के बारे में, राजनाथ के बारे में एक आर्टिकल में लिखा है। मैं वो बोल रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। चाइना हमारे सामने आ रहा था। तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था।”
पीठासीन जगदंबिका पाल ने कहा-‘नेता प्रतिपक्ष से आग्रह है कि और भी नेताओं को बोलना है। अब आप अपना भाषण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर दें।
गौरव गोगोई को पाल ने नसीहत दी की बैठे-बैठे अपनी बातें नहीं कहें। आप सदन की कार्यवाही से वाकिफ हैं।
राहुल ने कहा, आपने मुझे बोलने की अनुमति। बहुत जरूरी मुद्दा है जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। सर, मैं नहीं समझ पा रहा हू कि इस विषय पर ऐसा किया है कि पीएम और गृह मंत्री सदन छोड़कर जा चुके हैं।
पीठासीन- अगर आपको बोलना है तो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलें, जो बुक पब्लिश नहीं है उस पर क्यों बोल रहे हैं। कोई तथ्य नहीं है। कोई साक्ष्य नहीं है।
रिजिजू- देखिए, अभी अभी राहुल गांधी ने बोला कि गृह मंत्री यहां से चले गए। कोई जेल से भागने वाला शब्द कैसे यूज कर सकते हैं। ये बहुत गलत है। हम आपको सुनने के लिए बैठे हैं।
राहुल- क्या भागना असंसदीय शब्द है।
जगदंबिका- आप नेता प्रतिपक्ष होकर चेयर की बात नहीं मांनेंगे। मैं आपको बोलने का अलाऊ कर रहा हूं, क्या आपको पीठ के लिए कोई सम्मान नहीं है। आपको कौन अनुमति देगा ऐसे बोलने के लिए। राहुलजी आप बोलेंगे, नहीं तो मैं अखिलेश यादव को बोलने के लिए बुलाऊंगा।


