राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ पर मंगलवार को चर्चा हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- जो लोग वंदे मातरम् के महत्व को नहीं जानते वे इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं। शाह के बयान को प्रियंका गांधी के बयान से जोड़ कर देखा जा रहा है।
एक दिन पहले लोकसभा में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा था- वंदे मातरम् गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है। आज इस पर बहस क्यों हो रही है? मैं बताती हूं- क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा। मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
शाह ने संबोधन में कहा- जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ, पूरे देश को बंदी बना दिया गया। जब 150 साल पर कल सदन (लोकसभा) में चर्चा शुरू हुई, गांधी परिवार के दोनों सदस्य (राहुल-प्रियंका) नदारद थे। वंदे मातरम् का विरोध नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस नेतृत्व के खून में है।
दरअसल राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र, सरदार पटेल, गोविंद वल्लभ पंत सहित कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें सिफारिश की गई थी कि राष्ट्रीय समारोहों में जहां भी वंदे मातरम गाया जाता है, केवल पहले दो स्टैंजा ही गाए जाने चाहिए। क्या कांग्रेस कार्यसमिति में नेहरू जी अकेले थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने सामूहिक फैसला लिया था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरू जी को क्यों निशाना बनाते हैं?
खड़गे ने कहा- रुपये के गिरते स्तर पर मोदी ने 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि देश जानना चाहता है कि ऐसा क्या कारण है कि सिर्फ भारत का रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता ही चला गया, गिरता ही चला गया। ये सिर्फ आर्थिक कारणों से नहीं हुआ। ये आपकी भष्ट्र राजनीति के कारण हुआ।
खड़गे ने आगे कहा- मैं पूछता हूं कि क्या आपके साथ भी ऐसा ही हुआ। क्या आप भी भ्रष्ट हैं। आपकी सरकार की हालत को उससे भी बदतर हो गई है। उसे समय 55-60 रुपए था। आज 100 रुपए हो गया। जैसे हिमालय से गिरने के बाद लोगों के शव के टुकड़े नहीं मिलते, वैसे ही आज भारतीय रुपए की स्थिति हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वंदे मातरम् पर अपनी स्पीच शुरू की। वंदे मातरम्, वंदे मातरम् के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के बोलने के बाद मुझे समय दिया, सभापति का इसके लिए धन्यवाद। मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं 60 सालों से यही गाना गा रहा हूं। वंदे मातरम् नहीं गाने वालों ने अभी शुरूआत की है। कांग्रेस की तरह से बंकिमजी को नमन करता हूं।
आजादी के आंदोलन में जिन लोगों ने बलिदान दिया, उनको भी नमन है। 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रविन्द्रनाथ टैगोर ने पहली बार वंदे मातरम् गाया था।


