हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए संभावित दावेदारों की लिस्ट लंबी हो गई है। इसमें, कांग्रेस के 2 राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नाम जुड़ गए हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि पहला- तेज तर्रार नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और दूसरा पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा का नाम हैं।
इनके अलावा हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का नाम पहले से ही चर्चा में रहा है। दो नए नाम आने के बाद अब 3 गैर हिमाचली दावेदार हो गए हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के बड़े दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के नाम प्रमुख हैं।
इनके अलावा स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, सीएम के आईटी एडवाइजर गोकुल बुटेल और एडवोकेट जनरल अनूप रत्न का नाम भी चर्चा में है। इनमें से कौन राज्यसभा जाएगा, यह फैसला हाईकमान करेगा।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने 5 मार्च को कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग बुलाई है। इसी दिन राज्यसभा सांसद प्रत्याशी को लेकर नामांकन भरा जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि हिमाचल सीएम ने अंतिम निर्णय लेने का जिम्मा हाईकमान पर छोड़ दिया है। हालांकि, उन्होंने हाईकमान को हिमाचल कांग्रेस विधायक दल की राय से अवगत करवा दिया है। सूत्रों के अनुसार- प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश विधायक चाहते हैं कि किसी हिमाचली नेता को ही राज्यसभा भेजा जाए।
यह बात सीएम ने हाईकमान को जरूर बताई है, क्योंकि फरवरी 2024 में भी बाहरी एवं सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाने की वजह से सत्तारूढ़ कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बावजूद चुनाव हार गई थी।
विपक्षी पार्टी BJP ने कांग्रेस द्वारा बाहरी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाए जाने से पार्टी के भीतर पनपे असंतोष को भांपते हुए हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाया और राज्यसभा चुनाव जीत लिया। इससे सरकार पर भी संकट आ गया था।


