तमिलनाडु में विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। आमतौर पर चुनाव कार्यकाल खत्म होने से 4-6 हफ्ते पहले कराए जाते हैं। ऐसे में चुनाव अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है।
इस साल होने वाले चुनाव में दो नई पार्टियां मैदान में उतर रही हैं। इनमें से एक है एक्टर थलापति विजय की पार्टी तमिझगा वेत्रि कषगम (TVK), जो 234 सीटों पर कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर चुकी है।
दूसरी है तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता की करीबी और AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला की पार्टी
ल इंडिया पुरच्चि थलैवर मक्कल मुनेत्र कषगम (AIPTMMK), जो 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
शशिकला ने अपनी पार्टी के नाम का ऐलान 13 मार्च को ही किया है। पार्टी का चुनाव चिन्ह नारियल ट्री फार्म है। पार्टी के झंडे पर अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें हैं।
विजय के नेतृत्व वाली TVK पार्टी ने शनिवार को तमिलनाडु में AIADMK के नेतृत्व वाले NDA के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया। साथ ही, चुनावी समझौते की संभावना वाली खबरों को मीडिया की अटकलें बताकर खारिज कर दिया। TVK के संयुक्त महासचिव निर्मल कुमार ने कहा कि BJP हमारी वैचारिक दुश्मन है।
तमिलनाडु चुनावों की तैयारी करते हुए, कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव से जुड़ी कई समितियां बनाईं, जिनमें के सेल्वपेरुंथगाई की अध्यक्षता में एक प्रदेश चुनाव समिति भी शामिल है। पार्टी के एक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए स्टेट लेवल समितियों के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा अभियान समिति, चुनाव घोषणापत्र समिति, चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति बनाई है। कांग्रेस ये चुनाव सत्ताधारी पार्टी DMK के साथ गठबंधन में लड़ रही है। DMK ने अपने मुख्य सहयोगी कांग्रेस को 28 सीटें, वाइको की MDMK को चार सीटें, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा मानिथनेया मक्कल काची को दो-दो सीटें आवंटित की हैं।
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है। इसके चलते उसने ओडिशा और हरियाणा में अपने सभी विधायकों को बचाने के लिए रिजॉर्ट में रखने का फैसला किया है। ओडिशा कांग्रेस के 8 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया है। वहीं, हरियाणा कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल प्रदेश के कुफरी में रखा गया है।


