हैदराबाद के पुरानापुल इलाके में बुधवार रात मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। मुर्ती को नुकसान पहुंचाने और एक बैनर फाड़ने की कोशिश की गई।
इसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पथराव, वाहन जलाने और पास की एक दरगाह को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं। पुलिस ने दो अलग-अलग केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 11:30 बजे मंदिर में मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने और बैनर फाड़ने की कोशिश की सूचना मिली। इसके बाद स्थानीय लोग मंदिर के पास जुटने लगे। नारेबाजी के साथ विरोध शुरू हुआ और कुछ ही देर में भीड़ बढ़ गई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पथराव किया। इसमें दो पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। इसी दौरान एक दोपहिया वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पास स्थित एक दरगाह को भी नुकसान पहुंचाया।
घटनाक्रम बढ़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इसके बाद इलाके में स्थिति नियंत्रित की गई। देर रात तक पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर पिकेट्स लगाए गए हैं।
पुलिस ने कामतीपुरा थाना में दो केस दर्ज किए हैं। पहला मामला मंदिर परिसर में घुसपैठ कर मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। दूसरा मामला विरोध प्रदर्शन के दौरान दरगाह को नुकसान पहुंचाने की घटना से संबंधित है।
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इलाके का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
ओवैसी ने कहा कि कुछ ताकतें जो संघ परिवार से जुड़ी हैं, हैदराबाद में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। ज्यादातर घटनाएं रात में हो रही हैं। ऐसे मुद्दों पर हो रही हैं जिनका कोई मतलब नहीं है। सवाल यह है कि वहां की स्थानीय पुलिस क्या कर रही है?”

