केंद्र सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और दूसरे तरह के गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा।
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (Meity) ने ये एडवाइजरी सोमवार को जारी की थी। PTI न्यूज एजेंसी ने मंगलवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि एडवाइजरी में इंटरनेट प्लेटफॉर्म को IT एक्ट के संबंध में अपने कंप्लायंस फ्रेमवर्क की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रावधान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की मांग करते हैं।
इसमें ये ध्यान रखने को कहा गया है कि यूजर ऐसी कोई भी जानकारी और कंटेंट होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मॉडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, स्टोर, अपडेट या शेयर न करें जो अश्लील, पोर्नोग्राफिक, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक, या गैर-कानूनी हो।
भारतीय सेना के जवानों को पांच साल बाद 25 दिसंबर को सोशल मीडिया एप्स के इस्तेमाल की परमिशन मिली थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नई गाइडलाइन के तहत जवान इंस्टाग्राम पर रील, फोटो और वीडियो देख सकेंगे, लेकिन लाइक, कमेंट करने की अनुमति नहीं है। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

