महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पूर्व CM विलासराव देशमुख पर अपनी टिप्पणी को लेकर उनके बेटों से माफी मांगी है। रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को कहा- मेरी टिप्पणी राजनीतिक मकसद से नहीं थी।अगर इससे दिवंगत नेता के बेटे की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उनसे माफी मांगते हैं।
दरअसल, रवींद्र चव्हाण ने सोमवार को लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि आपका (कार्यकर्ताओं का) उत्साह देखकर मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी।
विलासराव के बड़े बेटे और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति के कहने से उनके पिता की यादें नहीं मिट सकतीं। पूर्व CM के छोटे बेटे और एक्टर रितेश देशमुख ने भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को जवाब दिया।
एक्टर ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो पोस्ट कर कहा- जनता के लिए जीने वालों के नाम उनके मन में दर्ज हैं। जो लिखा है उसे मिटाया जा सकता है, लेकिन जो मन में दर्ज है उसे मिटाया नहीं जा सकता।
विलासराव देशमुख लातूर के रहने वाले थे। वे दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। उनका 14 अगस्त, 2012 को 67 साल की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया। वे लिवर और किडनी की बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्हें लातूर के विकास में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है।
लातूर सहित पूरे महाराष्ट्र में 15 जनवरी को नगर निकाय चुनाव होने वाले हैं। चुनाव प्रचार को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को लातूर गए थे। हालांकि, उनके बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार को उन्हें सफाई देनी पड़ी। चव्हाण ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिक सुविधाएं मुख्य मुद्दा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा- मैंने अपने बयान में विलासराव देशमुख की आलोचना नहीं की। कांग्रेस वहां उनके नाम पर वोट मांग रही है। रवींद्र चव्हाण से जब पूछा गया कि क्या वह लातूर की जनता से माफी मांग रहे हैं, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।


