अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश में LPG संकट बढ़ गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब-चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सिलेंडर के लिए सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों पर लाइनें लग गई हैं।
LPG संकट के कारण गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है। 950 रुपए में आने वाला घरेलू गैस सिलेंडर 3500 रुपए और 2 हजार रुपए के कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए में बेचा जा रहा है।
यूपी में LPG के लिए लोग परेशान हैं। छठे दिन भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। बुकिंग के बाद भी लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कानपुर में सुबह 9 बजे एक एजेंसी के बाहर ‘आज गैस नहीं मिलेगी’ का नोटिस देखकर लोगों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझाकर शांत कराया।पूरे राजस्थान में LPG के लिए लोग परेशान हैं। रसोई में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं। गैस गोदाम के बाहर लाइन लगी है। वहां के स्टाफ से ग्राहकों की तकरार हो रही है। ऐसा ही हाल CNG-LPG स्टेशन का भी है।
ऑटो की एक-एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। पूरी रात स्टेशन के बाहर गुजारनी पड़ रही है, फिर भी पर्याप्त LPG नहीं मिल पा रही है।अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत जारी है। बिहार में भी रसोई गैस का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिलेंडर लेने के लिए लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। पटना के बिहटा में सुबह 4 बजे से गैस एजेंसी के बाहर लंबी लाइन नजर आई। वहीं, दानापुर और बगहा में गैस सिलेंडर आने के बाद भी उसे बांटा नहीं गया तो नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया।पंजाब-चंडीगढ़ में गैस संकट अब भी बरकरार है। बरनाला में बस स्टैंड के पास एक चाय विक्रेता के ठेले से सिलेंडर चुरा लिया। पीड़ित बनवारी लाल ने बताया कि वह एक मिनट के लिए चाय के ठेले से सिलेंडर रखकर पास की दुकान पर चाय देने गया था। इसी दौरान सफेद रंग की बाइक पर सवार दो युवक आए और सिलेंडर चुराकर फरार हो गए।
वहीं फिरोजपुर में 1600 रुपए में बिना बुकिंग किए घरेलू सिलेंडर बेचने का वीडियो सामने आया है। सुखदेव गुरेजा ने 5 मार्च को एचपी गैस एजेंसी से घरेलू सिलेंडर बुक करवाया था। कई दिन बीत जाने के बावजूद एजेंसी की ओर से सिलेंडर नहीं दिया गया।मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक तरफ जहां कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से होटलों के चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू गैस के लिए आम आदमी को धूप में घंटों पसीना बहाना पड़ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों से किल्लत और राहत की मिली-जुली तस्वीरें सामने आ रही हैं।


