ऑपरेशन सिंदूर को लेकर न्यूज एजेंसी ANI ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के अखनूर सेक्टर में भारतीय सैनिकों से बातचीत की। सैनिकों ने बताया कि गोली उन्होंने चलाई थी, लेकिन धमाका हमने किया।
भारतीय सैनिकों का कहना है कि हमने पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया है कि दशकों तक वे याद रखेंगे। भविष्य में कुछ भी करने से पहले सौ बार सोचेंगे।
पहला बयान: हमने उनके मनोबल को चकनाचूर किया
ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय सेना के एक मेजर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर कोई प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि मिशन-आधारित स्ट्राइक थी। हमारा इरादा बिल्कुल साफ था। हमें दुश्मन के आतंकी ढांचे और उन चौकियों को खत्म करना था जो घुसपैठ में मदद कर रही थीं। हम इसके लिए मानसिक, रणनीतिक और लॉजिस्टिक रूप से तैयार थे।
पाकिस्तान की तरफ से भारी तोपखाना हमला हुआ, लेकिन गर्व से कह सकता हूं कि हमारी ओर से कोई जनहानि नहीं हुई।
हमारा मकसद बिल्कुल स्पष्ट था कि आतंकी ढांचे को जड़ से खत्म करना। जब उन्होंने हमारे नागरिक क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया, तो हमने भी तय कर लिया कि अगर वे हमारे गांवों पर गोले बरसाएंगे, तो हम उनकी चौकियों को तबाह कर देंगे। हमारा हर गोला उनके लिए करारा जवाब था। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि हमारे किसी नागरिक को कोई नुकसान न हो।
दूसरा बयान: हमारा ध्यान बिल्कुल नहीं भटका
सीमा पर तैनात भारतीय सैनिक ने कहा कि हमें सिंदूर ऑपरेशन का मकसद बिल्कुल स्पष्ट था। आतंकियों को समर्थन देने वाली पोस्ट्स को निशाना बनाकर उन्हें खत्म करना। हमारी पहले से ही तैयारी थी। इसी वजह से हमें कोई दिक्कत नहीं आई। हमें ऊपर से जैसे ही ऑर्डर मिले, हमने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
हमने बिना देरी किए सही समय पर अपने टार्गेट्स को तबाह कर दिया। एक टाइम ऐसा भी आया, जब दुश्मन हमारे नागरिक इलाकों को निशाना बनाने लगा। वो इसलिए ऐसा कर रहे थे ताकि हमारा ध्यान भटक जाए, लेकिन हमारा ध्यान नहीं भटका।


