विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं, दुर्भाग्य से हमारे हैं। अगर कोई देश यह तय करता है कि वह जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा तो हमें अपने लोगों को आतंकवाद से बचाने का अधिकार है।
विदेश मंत्री ने यह बात IIT मद्रास के एक कार्यक्रम में शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हम पर निर्भर है। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। हम खुद को बचाने के लिए जो कुछ भी करना होगा, वह करेंगे।
बांग्लादेश पर जयशंकर ने कहा- अच्छे लोग नुकसानदायक नहीं
बांग्लादेश में अशांति पर विदेश मंत्री ने कहा- ‘मैं अभी दो दिन पहले बांग्लादेश में था। मैं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने गया था। हमें कई तरह के पड़ोसी मिले हैं।
अगर आपका कोई पड़ोसी आपके लिए अच्छा है या कम से कम आपके लिए नुकसानदायक नहीं है तो इसमें परेशानी नहीं है। जहां भी अच्छे पड़ोसी होने की भावना होती है, भारत निवेश करता है, भारत मदद करता है, भारत शेयर करता है।’
विदेश मंत्री बोले- अरुणाचल भारत का हिस्सा है और रहेगा
विदेश मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है और हमेशा रहेगा, और इस तरह की चालों से जमीन पर कुछ भी बदलने वाला नहीं है। शंघाई एयरपोर्ट पर चीनी इमिग्रेशन अधिकारियों के अरुणाचल प्रदेश की एक महिला के परेशान करने को लेकर जयशंकर ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि हमने असल में इसका विरोध किया, और हमने यह बात भी साफ कर दी कि इस तरह की हरकतें करने से असल में कुछ भी बदलने वाला नहीं है।

