लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हट जाएं और वो खुद सीएम बन जाएं। सीएम योगी को डर है कि स्वास्थ्य मंत्री कहीं कुर्सी न हथिया लें, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के बजट में कटौती की जा रही है।
गुरुवार को अखिलेश ने पार्टी कार्यालय में सहारनपुर से बसपा के पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान को पार्टी की सदस्यता दिलाई। उनके साथ बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता भी सपा में शामिल हुए।
हाथरस हादसे के लिए सरकार-प्रशासन जिम्मेदार
हाथरस हादसे पर अखिलेश यादव ने कहा- बड़े पैमाने पर मौत हुई है। इसका मुझे दुख है। ये कार्यक्रम पहली बार नहीं हुआ है, ऐसे कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन दुखद ये है कि ऐसी घटनी घटी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की रही। प्रशासन को हमेशा इस बात के लिए काम करना चाहिए कि कार्यक्रम अच्छे से संपन्न हो और लोग सुरक्षित आएं-जाएं।
हमें उम्मीद है आने वाले समय में सरकार इस बात का ध्यान रखेगी। यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। हाथरस कोई पहला हादसा नहीं, इससे पहले भी हुए हादसों में स्वास्थ्य सेवाएं फेल थीं। इस सरकार में इमरजेंसी के समय कभी इलाज नहीं मिल पाया।
हाथरस घटना के पीछे साजिश
अखिलेश ने कहा- सरकार हर बात छिपाना चाहती है। ये बात आपसे (मीडिया) बेहतर कौन जानता है? सरकार सिर्फ असली मुद्दा छिपाना चाहती है। सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती। मुझे नहीं लगता कि इस (घटना) के पीछे कोई साजिश है।
सरकार आई तो एक्सप्रेस-वे का कीर्तिमान बनाएंगे
अखिलेश ने कहा- 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन था। सबसे पहले वोट मांगने सहारनपुर गए थे, लेकिन फजलुर्रहमान जीत गए। सपा सरकार बनी तो ऐसे एक्सप्रेस-वे बनाएंगे, जो कीर्तिमान होंगे।
पूर्व सांसद बोले- अखिलेश का विजन देखकर पार्टी से जुड़ा
फजलुर्रहमान ने कहा- अखिलेश यादव से पिछले लोकसभा चुनाव में मुलाकात हुई थी। वह साधारण इंसान हैं। सपा की पॉलिसी और अखिलेश के विजन को देखकर पार्टी में शामिल हुआ।
लखनऊ में बुधवार सुबह हुए एसिड अटैक की घटना से पीड़िता का परिवार सहमा हुआ है। दहशत इतनी कि अभी कोई कुछ नहीं बोल रहा है। इलाज के दौरान होश आने पर छात्रा ने अपना चेहरा शीशे में देखा। चेहरा देख वह डर गई। रोने लगी। वहां मौजूद अपने पिता से बोली- मेरा सबकुछ खत्म हो गया। मुझे गोली मार दो। पिता से बोली- अब वह घर से बाहर नहीं निकलेगी।


