फरीदाबाद, 11 जून। मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में हरियाणा के मेवात क्षेत्र से हैरान करने वाला एक ऐसा मामला आया, जहाँ माता-पिता को शक था कि उनके बच्चे ने मुंह में कुछ लिया है लेकिन उसे खांसी आने, साँस फूलने जैसी कोई समस्या नहीं हो रही थी। मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में पल्मोनरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. गुरमीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि 7 वर्षीय मोहम्मद शाद नाम के बच्चे को सबसे पहले पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ को दिखाया गया, जहाँ एंडोस्कोपी करने पर पेट में कुछ नहीं दिखाई दिया।
छाती में कुछ होने के संदेह के चलते बच्चे की ब्रॉन्कोस्कोपी (फेफड़ों की जांच करने का एक आसान परीक्षण) की गईं जिसमें बच्चे की दाईं (राइट) तरफ की साँस की मुख्य नली के मुंह पर गोल्डन रंग की चमकदार चीज पड़ी हुई दिखाई दी। हमने जैसे ही दूरबीन की मदद से चीज को बाहर निकाल दिया तो हम सब दंग रह गए क्योंकि यह कान की बाली का तेज धारदार वाला हिस्सा था। तसल्ली करने के लिए साँस की नली में दोबारा जाने पर हमें बाली एक और तेज धारदार हिस्सा दिखाई दिया।


