फरीदाबाद, 11 जून । बच्चे बेशक अभी छोटे हैं, लेकिन उनके कारनामे बड़े हैं। उनकी उंगलियां जब की-बोर्ड पर चलती हैं तो कुछ न कुछ ऐसा रचती हैं, कि देखने वाला दांतों तले उंगली दबा ले। यह नतीजा है स्कूल स्तर पर इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेटिव, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी जैसे सब्जेक्ट पढ़ने का। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी इन विषयों को पढ़कर तकनीकी तौर पर इतने सशक्त हो गए हैं कि अब कंप्यूटर पर बड़े प्रोजेक्ट को भी अंजाम देने लगे हैं। देश के इस पहले स्किल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए कोडिंग कैंप लगाया गया। इस कैंप में उन्होंने न केवल वेबसाइट बना कर दिखाई, बल्कि कई ज्ञानवर्धक और मनोरंजक गेम भी बना डाले। कई विद्यार्थियों ने वर्चुअल तरीके से प्रोजेक्ट बना कर शिक्षकों को भी हैरत में डाल दिया।
कैंप के समापन पर मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे कुलपति डॉ. राज नेहरू ने इन विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया और रचनात्मक काम के लिए उनकी पीठ थपथपाई। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने कहा कि रचनात्मक काम करने वाले विद्यार्थी को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में कौशल का नवाचार विकसित करने के उद्देश्य से ही इस कैंप का आयोजन किया गया।


