अच्छा स्वास्थ्य खुशहाल जीवन की पहली सीढ़ी ; कृष्णपाल गुर्जर , स्व धमीजा की यादगार में लगा स्वास्थ्य जांच शिविर, राजनेताओं व समाजसेवियों ने दी श्रद्धांजलि
फरीदाबाद, 12 फरवरी (अनुराग शर्मा/ संवाददाता ) : अच्छा स्वास्थ्य खुशहाल जीवन की पहली सीढ़ी है, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने यह शब्द सेक्टर -16 के कम्युनिटी सेंटर में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में आए लोगों से बातचीत करते हुए । शिविर स्व पीआर धमीजा की स्मृति में धमीजा परिवार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमे शहर के जाने माने एकॉर्ड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य जांच की। हरियाणा के फ़ूड सप्लाई मिनिस्टर राजेश नागर ने कहा कि स्व धमीजा का आशीर्वाद सदा उन्हें मिलता रहा है, उनका परिवार उनकी स्मृति में स्वास्थ्य जांच शिविर लगा कर पुण्य कार्य कर रहे हैं।
स्वास्थ्य जांच शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री गुर्जर ने नेत्र विशेषज्ञ डॉ विनय अरोड़ा से नेत्र जांच करवाई और कहा कि वह भी जल्द ही ग्रामीण क्षेत्र में एक मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर लगवाएंगे, इससे ग्रामीण आँचल के लोगों को भी शहर के नामी हॉस्पिटल की मुफ्त सेवायें मिल सकें और वह भी स्वस्थ रहें। श्री गुर्जर ने कहा कि यहां लीवर की जांच के लिए फैब्रोस्कैन मुफ्त किया जा रहा है। ये टेस्ट बहुत कम अस्पतालों में उपलब्ध है और बहुत ही महंगा है,शिविर में इतना महंगा टेस्ट मुफ्त होना लोगों के लिए सही मायने में लाभदायक है। उन्होंने हॉस्पिटल के निदेशक डॉ रोहित गुप्ता, डॉ युवराज कुमार, डॉ उमेश कोहली, डॉ तन्वी सावंत, डॉ उदित कपूर, डॉ बीके उपाध्याय, डॉ विद्या नायर, डॉ अनुभव गुप्ता , डॉ अनुज शर्मा, डॉ भावना ग्रोवर सहित संदीप कुमार को सम्मानित किया। सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एमएल मेहता व उनकी टीम ने फूल मालाओं से श्री गुर्जर का स्वागत किया।
हरियाणा के खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने स्वास्थ्य शिविर में आये डॉक्टरों से मिलते हुए बोन डेंसिटी टेस्ट करवाया। इस टेस्ट से हड्डियों की क्षमता की जांच होती है,पता चलता है कि शरीर की हड्डियों में कैल्शियम या अन्य पदार्थों की कमी है या नहीं। श्री नागर ने कहा कि प्रदेश में नायब सिंह सैनी सरकार लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है। सरकार चाहती है कि सभी लोग स्वस्थ रहें। इस प्रकार के शिविर लोगों को स्वस्थ रखने में योगदान देते हैं। राज्य की पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने शिविर में आये लोगों से मिलते व बातचीत करते हुए कहा कि इस शिविर में फैब्रोस्कैन व हड्डियों के टेस्ट सभी लोगों को करवाने चाहिए। ये ना केवल महंगे टेस्ट हैं जो यहाँ मुफ्त किये जा रहे हैं बल्कि सभी लोगों के लिए फ़ायदेमन्द भी हैं। लोगों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिये। इस अवसर पर सीएम के राजनैतिक सलाहकार रहे अजय गौड़ ने स्व धमीजा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि हर वर्ष लगने वाले इस शिविर में उन्हें आने का सौभाग्य मिलता है। शहर की प्रथम नागरिक व मेयर प्रवीण बत्रा जोशी, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के भतीजे व युवा नेता अमन गोयल सहित भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा , पूर्व विधायक ललित नागर, पूर्व एम्एलए शारदा राठौर, पूर्व डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग, बसंत विरमानी, योगेश ढींगरा,भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गोल्डी अरोड़ा, समाजसेवी सत्यजीत बेदी, रमेश पाल, पार्षद कुलदीप साहनी , मनोज नासवा, सचिन शर्मा , वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता सुमित गौड़, लखन सिंगला, बंटी भाटिया, अजय नाथ, जुगल किशोर, अरुण शर्मा, भाजपा महासचिव शोभित अरोड़ा, धर्मवीर भड़ाना, कमल जख्मी,आर के चिलाना, श्याम सुन्दर कपूर, नवीन चौधरी, सुशिल वर्मा , हरकमल सिंह संधू, गोल्डी व डिंपल खालसा सहित शहर के अनेक गणमान्य लोगों सहित पत्रकारों ने भी स्व पीआर धमीजा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने आप को मूर्ख साबित कर लिया है। पुरी ने NDTV को दिए इंटरव्यू में एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।
हरदीप पुरी ने दावा किया कि जब वे काम से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से मिले थे तो उन्हें असहजता महसूस हुई थी। उन्होंने कहा- मैंने एपस्टीन से मिलने की इच्छा नहीं जताई थी। ये मुलाकातें अरेंज की गई थीं।
उन्होंने आगे कहा- दो मुलाकातों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मैं इस मामले में बेदाग हूं। उस समय तो मैं सरकार का हिस्सा भी नहीं था। उन्होंने कहा- राहुल गांधी ने तिल का ताड़ बनाना है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में दावा किया था कि अमेरिका में जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी का नाम है। राहुल के आरोपों पर पुरी ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पहली बार माना था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे।
पुरी से इंटरव्यू में जब पूछा गया कि क्या आपको आपराधिक आचरण की जानकारी थी तो पुरी ने कहा- ‘मैं नहीं जानता था कि वह कौन था। मैं पहली बार एपस्टीन से एक मीटिंग में मिला था। मुझे उसके बैकग्राउंड के बारे में पता नहीं था।
पुरी ने NDTV को बताया- मैं इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गया था। उसी दौरान एपस्टीन से मिला। मैं सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलता हूं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है।
पुरी ने कहा- पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं? पुरी ने एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
पुरी ने कहा- राजनीति में या सार्वजनिक जीवन में, अगर मैं सरकारी अधिकारी होता, तो मैं किसी को मैसेज भेजकर पूछता, ‘क्या मुझे इस व्यक्ति से मिलना चाहिए?’ लेकिन उस समय मैं IPI के साथ काम कर रहा था।
पुरी ने कहा- हम दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे थे। हमने एपस्टीन को वहां इनवाइट नहीं किया था। IPI के डेलिगेशन के हिस्से के रूप में एपस्टीन से तीन या चार बार मुलाकात की थी। पुरी ने बताया कि एपस्टीन IPI के सदस्य भी नहीं थे।
पुरी ने इससे पहले बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी।
पुरी ने यह भी बताया कि वे लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से भी मिले थे, लेकिन यह मुलाकात भारत में इंटरनेट और कारोबार के अवसरों पर पेशेवर चर्चा के लिए थी।
पुरी ने साफ कहा कि इन मुलाकातों का किसी भी तरह की गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे उस समय एक निजी नागरिक के रूप में भारत के अवसरों के बारे में अपनी समझ साझा कर रहे थे।


