फरीदाबाद। वल्र्ड किडनी डे के अवसर पर ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल की तरफ से सेक्टर 12 सेंट्रल पार्क में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें किडनी मरीजों ने स्टेज पर धमाकेदार डांस की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को किडनी की बीमारियों, उनके बचाव और समय पर इलाज के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर किडनी के मरीजों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि हिम्मत, सही इलाज और सकारात्मक सोच से इस बीमारी के साथ भी सामान्य जीवन जिया जा सकता है। अस्पताल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि आज के समय में किडनी की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अनुमान के अनुसार करीब 10 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में किडनी की बीमारी से प्रभावित है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकतर लोगों को शुरुआती चरण में बीमारी के बारे में पता ही नहीं चलता।
जब तक लक्षण स्पष्ट होते हैं, तब तक कई मामलों में बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज से किडनी की बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग समय पर डॉक्टर से परामर्श नहीं लेते। परिणामस्वरूप कई मरीज किडनी फेलियर की स्थिति तक पहुंच जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और शरीर में किसी भी तरह की असामान्य समस्या होने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि किडनी फेल होना जीवन का अंत नहीं है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मदद से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं आज मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई हैं। कई मरीज डायलिसिस के सहारे वर्षों तक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं, जबकि ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज सामान्य दिनचर्या अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी किडनी फेलियर को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और डर मौजूद हैं। कई लोग इस बीमारी को लाइलाज मान लेते हैं और इलाज में देरी कर देते हैं। ऐसे में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सही जानकारी देना बेहद जरूरी है, ताकि वे समय रहते इलाज करवा सकें और बीमारी को बढऩे से रोक सकें।
कार्यक्रम में ऐसे कई मरीजों ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने किडनी की बीमारी का सामना करते हुए हिम्मत और सकारात्मक सोच के साथ इलाज कराया और अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। मास्टर लव कुमार, ज्योति ओर प्रदीप गिल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया कि बीमारी से डरने के बजाय उसका मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डॉक्टरों की सलाह का पालन और नियमित इलाज से जीवन को सामान्य बनाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र कुमार ने अंगदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल तीन लाख से अधिक लोग किडनी फेलियर के शिकार होते हैं, लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट की संख्या अभी भी बहुत कम है। खासकर मृत व्यक्ति के अंगदान (कैडेवर डोनेशन) के मामले काफी सीमित हैं।
यदि लोग मरनोपरांत अंगदान के लिए आगे आएं तो हजारों मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। कार्यक्रम के दौरान किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों तथा जरूरतमंद मरीजों की मदद करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। साथ ही अस्पताल के जागरूकता अभियान ‘किडनी कनेक्ट प्रोग्राम’ को भी प्रोत्साहित किया गया, जिसके माध्यम से लोगों को किडनी स्वास्थ्य, नियमित जांच और अंगदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में शानदार प्रस्तुति देने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता, आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. युवराज कुमार तथा न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता मौजूद रहे।


