सूरजकुंड (फरीदाबाद) । 39 वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2026 में विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र द्वारा ‘अपणा घर’ में लगाई गई विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में बनाए गए सेल्फी प्वाईंट्स पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। यहां पर विरासत प्रदर्शनी के माध्यम से ‘अपणा घर’ को विशेष रूप से सजाया गया है। हरियाणा के लोक पारंपरिक विषय-वस्तुएं पर्यटकों को अपनी ओर लुभा रही हैं। विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी के ‘अपणा घर’ में हरियाणवी लोक परिधान की प्रदर्शनी, हरियाणा की बुणाई कला प्रदर्शनी लगाई गई है। यह जानकारी विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र के संरक्षक डॉ. महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होंने बताया कि विरासत प्रदर्शनी में हरियाणा के गांवों से जुड़ी हुई सभी प्राचीन वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया है जो अब लुप्त हो चुकी हैं। विरासत हेरिटेज विलेज का हमेशा यही प्रयास रहता है कि आने वाली पीढिय़ों के लिए इन वस्तुओं को संजोकर रखा जा सके, जिसे देखकर वे अपनी समृद्ध संस्कृति पर गर्व कर सकें। विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी ‘आपणा घर’ में आने वाले पर्यटकों के लिए अनेक सेल्फी प्वाईंट्स बनाए गए हैं, जिस पर वे अपनी फोटो खिंचवाकर यहां की यादों को हमेशा के लिए संजोकर रखना चाहते हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशन और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में हरियाणा की पगड़ी का स्टॉल युवाओं, बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए सेल्फी प्वाईंट का मुख्य केंद्र बने हुए है, जिसमें पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचाओ के माध्यम से सभी पगड़ी के साथ अपनी सेल्फी लेना नहीं भूलते। इसी प्रकार यहां पर रखी 100 साल पुरानी बैलगाड़ी को देखकर भी पर्यटक इस पर बैठने के साथ-साथ सेल्फी व फोटो भी खिंचवा रहे हैं।
विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र के संरक्षक डा. महासिंह पूनिया ने बताया कि यहां पर रखी बड़ी खाट भी लोगों को अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित कर रही है। दर्शक इस पर बैठकर भी सेल्फी लेना व फोटो खिंचवाना पसंद करते हैं। इसके अलावा यहां पर रखा गया हुक्का भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसके साथ दर्शक अपनी फोटो व सेल्फी लेना नहीं भूलते।
उन्होंने बताया कि विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी ‘आपणा घर’ में रंग-बिरंगी फुलझड़ी, पुरानी चौखट, प्राचीन दरवाजे व झरोखे, हाथ से चलने वाली चक्की, ओखल-मूसल, दूध बिलोने वाली रई, सूत कातने का चरखा, कुम्हार का चाक, लकड़ी का पहिया, पगड़ी पहने बुजुर्ग व छोटे बच्चे का पुतला भी पर्यटकों को अपनी ओर फोटो व सेल्फी लेने के लिए आकर्षित कर रहे हैं। ‘अपणा घर’ में बनाए गए सेल्फी प्वाईंट्स पर सेल्फी लेने के लिए सुबह से लेकर शाम तक पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।


