आर्ट व क्राफ्ट में राष्टï्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले वी.पन्नीर शेल्वम ने तराशा है पेंटिंग्स को
तमिलनाडू के शेल्वम की तीन पीढ़ी हैंडीक्राफ्ट को देश-विदेश में दे रहीं बढ़ावा
फरीदाबाद। आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में आयोजित 35वें अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला 2022 में तंजावूर पेंटिंग का स्टॉल संख्या-1116 मेला में आने वाले लोगों का खूब ध्यान आकर्षित कर रहा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन महामहिम राष्टï्रपति प्रणव मुखर्जी के कर कमलों से आर्ट एंड क्राफ्ट का राष्टï्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले तमिलनाडू के वी.पन्नीर शेल्वम द्वारा पेंटिंग के पुस्तैनी व्यवसाय को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। तमिलनाडू की यह पेंटिंग शिल्प मेला में पिछले 20 वर्षों से लगातार लोगों के आकर्षण का केंद्र है। वी.पन्नीर शेल्वम की तीन पीढियां तंजावूर पेंटिंग के पुस्तैनी कार्य के लिए काफी प्रसिद्ध है। शेल्वम द्वारा भारतीय प्राचीन देवी-देवताओं की भव्य पेंटिंग तैयार की जाती है। इनके अलावा उपभोक्ताओं/लोगों की इच्छा अनुरूप अन्य पेंटिंग भी तैयार की जाती हैं। इनमें छोटे आकार की पेंटिंग से लेकर बडे आकार की पेंटिंग शामिल हैं, जिनकी कीमत 6 हजार रुपए से 8 लाख रुपए तक है। उन्होंने बताया कि उनकी पेंटिंग्स को उत्तरी भारत में काफी पसंद किया जाता है तथा देश की राजधानी दिल्ली में इन पेंटिंग्स की बहुत मांग रहती है। स्टॉल के प्रभारी केशवन का कहना है कि छोटे आकार की पेंटिंग्स की देश में ज्यादा मांग है। बड़े आकार की पेंटिंग्स की विदेशों में काफी मांग है। यह पेंटिंग्स यूएसए, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया व यूरोपियन देशों में निर्यात की जाती है। उन्होंने बताया कि इस मेले के माध्यम से वे अपनी पेंटिग्स को प्रमोट करते हैं, जिससे इस मेले में आने वाले लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों में इन पेंटिंग्स के बारे में जागरूकता बढी है।
शिल्प मेला में तंजावूर पेंटिंग का स्टॉल का लोगों का ध्यान कर रहा है आकर्षित
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी ।
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