फरीदाबाद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीटू हरियाणा ने राज्य में हो रही औद्योगिक दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे राज्य सरकार की गैर जिम्मेदारी ओर उद्योग मालिकों द्वारा सुरक्षा मानकों को न मानने का परिणाम बताया है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा,सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और सीटू हरियाणा के राज्य महासचिव जय भगवान व जिला कमेटी के जिला उप प्रधान रवि गुलिया ने घायलों का समुचित उपचार और कम से कम दस लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
क्योंकि जले व्यक्ति को कई सर्जरी करवानी होती है और देर तक इलाज चलता है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को दुर्घटना फरीदाबाद में कालका स्टील में हुई दुर्घटना बहुत ही गंभीर घटना है, जिसमें दर्जनों मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए और जिनमें तीन पुलिसकर्मी व दो दमकल कर्मी भी शामिल हैं। काफी मजदूरों को हालात बेहद चिंताजनक है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व सीटू की जिला कमेटी के उप प्रधान रवि गुलिया ने घटना के तूरंत बाद बीके अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने डाक्टर व स्टाफ से घायलों की हर संभव मदद की मांग की। श्री शास्त्री ने फरीदाबाद औद्योगिक नगरी होने के बावजूद बीके अस्पताल में बर्न वार्ड नं होने पर कड़ी नाराजग़ी जताई।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा,सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और सीटू हरियाणा के महासचिव जय भगवान व जिला उप प्रधान रवि गुलिया ने मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में बताया कि असल में राज्य सरकार के काल में सुरक्षा उपायों ओर इसके लिए, निगरानी प्राधिकरण यानी सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग को बेहद कमजोर किया गया है और न ही इसमें निरीक्षण के लिए पर्याप्त कर्मचारी हैं। दूसरी ओर सरकार ने कानूनों में बदलाव करके इस प्रकार की घटनाओं में उद्योग मालिक के खिलाफ क्रिमिनल केस की बजाय केवल कुछ जुर्माना लगाने तक सीमित कर दिया गया है। आज देश – प्रदेश में हर रोज घटनाएं घट रही हैं, मजदूर मारे जा रहे हैं। लेकिन घटनाओं कम नहीं हो रही बल्कि कानूनों में बदलाव करके उद्योग मालिक सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाह बने हैं और मजदूर मारे जा रहे हैं।
उक्त नेताओं ने घायलों का बेहतरी से इलाज और दो लाख रुपए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। सेक्टर 24 में मेटल शीट कटिंग करने वाली फैक्ट्री में लगी आग में बुरी तरह से झुलसे कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। देर रात आठ लोगों को दिल्ली पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्स और सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि बाकि का फरीदाबाद में निजी और सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुजेसर थाना पुलिस ने शिव स्टील व कालका जी लुबरीकेन्ट कम्पनी के मालिक वा मेनेजर के खिलाफ धारा 115(2), 118(1), 124(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में पाया गया है कि कंपनी के द्वारा केमिकल बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के रखे गये थे। जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। हांलाकि अभी तक हादसे में किसी की मौत नही हुई है। फरीदाबाद के सांसद और केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सेक्टर 24 में हुए हादसे को लेकर डीसी को फोन कर पूरे मामले की जानकरी ली। मंत्री ने हादसे में घायल सभी लोगों के बेहतर इलाज के लिए भी उनको दिशा-निर्देश दिए है। मंत्री ने कहा कि यह हादसे बेहद दुखद है, ऐसे में प्रशासन घायल हुए लोगों की पूरी मदद कर रहा है। सोमवार की शाम कंपनी में सीएनसी मशीन से निकली चिंगारी से ड्रम में बंद रखे केमिकल ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते एक के बाद एक केमिकल का ड्रम ब्लास्ट होने लगा और आग ने भयकंर रूप धारण कर लिए। इस केमिकल को मेटल शीट काटते समय प्रयोग में लाया जाता था। हादसे में अभी तक 42 लोगों को घायल होने की सूचना है। जिनमें तीन पुलिस कर्मचारी, दो फायर बिग्रेड कर्मचारी और कंपनी में काम करने वाले वर्करों के साथ वहां से गुजरने वाले लोग शामिल है, जो आग लगने के बाद फैक्ट्री के बाहर खड़े होकर तमाशा देख रहे थे।


